हुब्बल्ली. शहर के रानी चन्नम्मा सर्कल के पास स्थित ईदगाह मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय गणेशोत्सव के लिए पुलिस विभाग ने एहतियात के तौर पर आवश्यक तैयारी की है।

मैदान के चारों ओर कड़ी सुरक्षा के लिए चार एसीपी के नेतृत्व में आठ टीमों का गठन किया गया है और आठ स्थान तय किए गए हैं। कुल 230 कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे। 6 पीआई, 15 पीएसआई, 25 एएसआई, 35 हेड कांस्टेबल, 10 महिला हेड कांस्टेबल, 80 कांस्टेबल, 15 महिला कांस्टेबल, 40 होम गार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 2 रैपिड एक्शन फोर्स, 2 राज्य सशस्त्र आरक्षण बल, 4 केंद्रीय सशस्त्र आरक्षण बल के जवान भी सुरक्षा में लगेंगे।

चार एसीपी के नेतृत्व में सुरक्षा के लिए मैदान के मुख्य द्वार (पूर्वी द्वार) पर 32 जवान, गणेश पेंडल के पास 29 जवान, मैदान के परिसर में 31 जवान और मैदान के चारों ओर 32 जवान तैनात किए गए हैं। गणेश पेंडल बायीं ओर पीएसआई के नेतृत्व में 26 दाहिनी ओर दो पीएसआई के नेतृत्व में 27, मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार से कामत होटल तक पीआई के नेतृत्व में 3 और के उत्तरी गेट (प्रभु मेडिकल शॉप के सामने) के पास पीआई के नेतृत्व में 20 में जवानों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।

पुलिस विभाग ने पहले ही मैदान के अंदर पांच सीसीटीवी कैमरे लगा चुका है और नगर निगम ने भी महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। विभाग ने ड्रोन कैमरे से वीडियो शूट कर मैदान के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने का निर्णय लिया है।

शहर भर में पुलिस रखेगी कड़ी निगरानी

हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर की पुलिस आयुक्त रेणुका सुकुमार ने कहा कि गणेश उत्सव के अवसर पर एहतियात के तौर पर शहर भर में कड़ी निगरानी की गई है। ईदगाह मैदान के आसपास आवश्यकतानुसार जवानों की तैनाती की जा रही है। सभी को शांतिपूर्वक त्योहार मनाना चाहिए। कानून-व्यवस्था को खतरा पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *