119 वर्ष पुरानी सरकारी स्कूल जर्जररट्टीहल्ली तालुक के मेदूर गांव स्थित सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल की जर्जर स्थिति।

तीन कमरों में चल रही पढ़ाई

रट्टीहल्ली के मेदूर गांव में भवन खस्ताहाल

छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता

नए कक्ष निर्माण की मांग

रट्टीहल्ली (हावेरी). सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और बुनियादी सुविधाओं पर जोर देने के दावों के बीच रट्टीहल्ली तालुक के मेदूर गांव स्थित 119 वर्ष पुरानी सरकारी उच्च प्राथमिक कन्नड़ स्कूल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस विद्यालय में एलकेजी और यूकेजी में 30 तथा पहली से सातवीं कक्षा तक 148 छात्र अध्ययनरत हैं। स्कूल में कुल 9 शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन भवन की खस्ताहाल स्थिति के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अधिकांश कक्ष पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। खिडिकयां और दरवाजे टूट चुके हैं तथा छत के टाइल्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, जिससे बरसात के समय कक्षों में पानी टपकता है।

स्कूल की दीवारें कई जगहों से टूट चुकी हैं, जिसके कारण कक्षों में जहरीले जीव-जंतुओं के आने का खतरा बना रहता है। विद्यालय परिसर में उचित कंपाउंड और सडक़ प्रकाश व्यवस्था भी नहीं है, जिसके चलते अंधेरा होने के बाद परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है।

स्कूल विकास समिति के सदस्यों के अनुसार, केवल तीन कमरे ही अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं, जिनमें बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। अलग रसोई कक्ष नहीं होने के कारण एक कक्षा को ही मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो बारिश में टपकता भी है। कई बार भवन के जर्जर होने के कारण चोरी की घटनाएं भी हो चुकी हैं।

जर्जर भवन को गिराकर नए कक्ष बनाए

स्कूल में कंपाउंड न होने से लोग परिसर में खुले में शौच भी करते हैं। कई बार पंचायत और शिक्षा विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बच्चों की सुरक्षा के लिए जर्जर भवन को गिराकर नए कक्ष बनाने चाहिए।
करबसप्पा गुब्बी, अध्यक्ष, स्कूल विकास समिति

मरम्मत कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा है

स्कूल कक्षों के मरम्मत कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द ही भवन तथा कंपाउंड की मरम्मत कराने का प्रयास किया जाएगा।
एन. श्रीधर, क्षेत्र शिक्षा अधिकारी

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By Bharat Ki Awaz

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