हुब्बल्ली। कर्नाटक में शिक्षा व्यवस्था की विडंबना सामने आई है। राज्य के 20 स्कूलों में एक भी विद्यार्थी का प्रवेश नहीं है, फिर भी वहां 308 शिक्षक प्रतिदिन स्कूल जाकर ड्यूटी निभा रहे हैं। यह खुलासा केंद्र सरकार की यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (युडाइस) 2025 की रिपोर्ट में हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ स्कूलों में जहां छात्रों की संख्या अधिक है वहां शिक्षक कम हैं, जबकि जिन स्कूलों में कोई विद्यार्थी नहीं है, वहां भी शिक्षकों की नियुक्ति जारी है। पिछले वर्ष की तुलना में यह संख्या घटी है—2023-24 में ऐसे शिक्षकों की संख्या 1,572 थी, जो अब घटकर 308 रह गई है। वहीं, बिना विद्यार्थियों वाले स्कूलों की संख्या 1,078 से घटकर 270 हो गई है।
सरकार ने शून्य प्रवेश वाले स्कूलों को बंद न करने का निर्णय लिया है। शिक्षकों का मानना है कि भविष्य में विद्यार्थी प्रवेश लेंगे, इसी आशा में वे नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञ वीपी निरंजनाराध्य का कहना है कि कुछ इलाकों में भौगोलिक कारणों से प्रवेश नहीं हो पाता। ऐसे स्थानों पर शिक्षक नियुक्त करना आवश्यक है। चूंकि एक बार जिस स्कूल को पद आवंटित हो गया, उसे सरकार रद्द नहीं कर सकती, इसलिए स्टाफ को दूसरी जगह भेजने पर भी पद वहीं बने रहते हैं, और यही समस्या बार-बार उभरती है।
पांच साल में 90 स्कूल बंद – दक्षिण कन्नड़
मेंगलूरु जिले में पिछले पांच वर्षों में 90 स्कूल बंद हो चुके हैं। इनमें अधिकतर सरकारी स्कूल रहे हैं। खासकर सुल्या और पुत्तूर क्षेत्र में यह संख्या अधिक है। 2024-25 में भी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए, क्योंकि अभिभावकों में अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने की रुचि कम हो रही है।
राज्य में 99 प्रतिशत अवैध स्कूल
18 अगस्त को सरकार की ओर से जारी सूची में सामने आया कि राज्य में कुल 993 अवैध स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें सबसे अधिक बेंगलूरु ग्रामीण क्षेत्र में हैं। शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को इन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
आंकड़े और ताजा स्थिति
– रा’य में कुल 74,859 स्कूल संचालित हैं।
– इनमें 1.17 करोड़ विद्यार्थी और 4.52 लाख शिक्षक हैं।
– इनमें से 69 प्रतिशत शिक्षक प्रशिक्षित हैं और 63.7 प्रतिशत पेशेवर योग्यता रखते हैं।
– इस समय 7,&49 स्कूलों में 2.23 लाख विद्यार्थी केवल एकल शिक्षक प्रणाली पर निर्भर हैं।
– पिछली रिपोर्ट में यह संख्या 7,821 स्कूलों और 2.74 लाख विद्यार्थियों की थी।
युडाइस रिपोर्ट की झलकियां
– 8.1 प्रतिशत स्कूलों में 10 से कम विद्यार्थी।
– 11.7 प्रतिशत स्कूलों में 11 से 20 विद्यार्थी।
– 6 प्रतिशत स्कूलों में 500 से अधिक विद्यार्थी।
– 64,18 प्रतिशत स्कूलों में खेल का मैदान।
– 41,662 स्कूलों में कंप्यूटर सुविधा।
– 63.5 प्रतिशत विद्यार्थी ओबीसी वर्ग के।
– 16.3 प्रतिशत विद्यार्थी मुस्लिम समुदाय से।
