खारे पानी की समस्या पर चिंता
जलबंधन मिशन की खामियां उजागर
कारवार. उत्तर कन्नड़ जिले में गर्मी की शुरुआत के साथ ही पेयजल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। जिला पंचायत के अनुमान के अनुसार इस वर्ष लगभग 290 गांवों में पानी की कमी हो सकती है।
हलियाल और मुंडगोड जैसे अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पहले ही कुछ पंचायतें टैंकरों से पानी आपूर्ति कर रही हैं। कई जगहों पर जलबंधन मिशन (जेजेएम) की पाइपलाइन समस्याओं के कारण भी टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में औसतन 100-120 गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाना पड़ा था, लेकिन इस बार गर्मी अधिक बढऩे पर यह संख्या 290 तक पहुंच सकती है।
जलबंधन मिशन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 75.89 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं और 663 परियोजनाएं पंचायतों को सौंप दी गई हैं। जनवरी से घरों में नलजल आपूर्ति शुरू हुई है, लेकिन पानी की मात्रा बेहद कम है और दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त नहीं है।
करावली क्षेत्र में कार्लैंड समस्या से खारा पानी खेतों और कुओं में घुस रहा है, जिससे पानी पीने योग्य नहीं है। कारवार से भटकल तक कई गांवों में यह शिकायत आम है। विधायक सतीश सैल ने भी काली नदी में खारे पानी की घुसपैठ को लेकर चिंता जताई है।
गर्मी से निपटने के लिएं की जा रही हैं सभी तैयारियां
जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान औसतन 100 से 120 गांवों में गर्मियों के समय पेयजल की समस्या देखने को मिली है। इस वर्ष यदि गर्मी अधिक पड़ी तो लगभग 290 गांवों में पानी की कमी की स्थिति उत्पन्न होने का अनुमान लगाया गया है। हलियाल और मुंडगोड क्षेत्रों में पहले ही पानी उपलब्ध कराया गया है। गर्मी से निपटने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं।
–दिलीश शशि, सीईओ, जिला पंचायत

