हुब्बल्ली-धारवाड़ में तीन वर्ष में 694 युवतियां लापताएसीपी शिवानंद चलवादी।

90 प्रतिशत प्रेम विवाह से जुड़े

परिवारिक दबाव, प्रेम संबंध और मानसिक प्रताडऩा बने मुख्य कारण

34 युवतियां अब भी लापता, पुलिस ने जारी की चेतावनी

हुब्बल्ली. हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर में नाबालिग लड़कियों और युवतियों के लापता होने के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालांकि पुलिस जांच में यह सामने आया है कि करीब 90 प्रतिशत मामलों में युवतियां प्रेम विवाह करने के बाद सकुशल मिल जाती हैं। इसके बावजूद 34 युवतियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिलना चिंता का विषय बना हुआ है।

पुलिस के अनुसार, अधिकतर युवतियां घर से विभिन्न बहानों से निकलती हैं—जैसे कॉलेज जाना, परीक्षा देना, मंदिर जाना, यात्रा, सिलाई प्रशिक्षण, दवा खरीदना या मित्रों से मिलना। कुछ मामलों में युवतियां रात के समय या घर में कोई नहीं होने पर भी अचानक लापता हो जाती हैं। इन घटनाओं में 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों की संख्या सबसे अधिक है।

परिजनों द्वारा दर्ज शिकायतों में अक्सर पड़ोस के युवक, परिचित या मित्र पर अपहरण का आरोप लगाया जाता है, जबकि कई मामलों में सिर्फ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होती है। लेकिन पुलिस की गहन जांच में अधिकतर मामलों के पीछे प्रेम संबंध और परिवार का विरोध प्रमुख कारण के रूप में सामने आता है।

अक्टूबर 2025 से 15 फरवरी 2026 के बीच पुलिस ने 60 से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। वहीं वर्ष 2026 में जनवरी से 15 फरवरी तक 25 गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 14 युवतियों को खोज लिया गया है, जबकि 11 मामलों की जांच अभी जारी है।

एसीपी शिवानंद चलवादी ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अधिकांश युवतियां प्रेम संबंधों के चलते घर छोड़ती हैं। कई मामलों में परिवार के विरोध, जबरन तय विवाह या घरेलू दबाव के कारण वे ऐसा कदम उठाती हैं। कुछ युवतियां मानसिक प्रताडऩा या पढ़ाई के दबाव से भी प्रभावित होती हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य उन्हें सुरक्षित ढूंढकर परिवार से मिलाना और दोनों पक्षों को समझाइश देना है।

उन्होंने कहा कि नाबालिग के मामले में कानून सख्त है। यदि लडक़ी 18 वर्ष से एक दिन भी कम उम्र की है, तो इसे अपहरण का मामला माना जाता है। ऐसे मामलों में संबंधित युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है।

जांच में यह भी सामने आया है कि कई युवतियां अपने प्रेमी के साथ मंदिरों या अन्य जिलों में परिचितों की मौजूदगी में विवाह कर लेती हैं। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनका पता लगाती है। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने बुलाकर आपसी सहमति से आगे जीवन यापन के लिए परामर्श दिया जाता है और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करवाई जाती हैं।

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। यह मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और पारिवारिक संवाद की कमी को भी उजागर करता है।

………….

युवतियों के लापता होने के मामलों का आंकड़ा

वर्ष — कुल मामले — पाई गईं — जांच जारी
2023 — 239 — 234 — 05
2024 — 250 — 243 — 07
2025 — 180 — 169 — 11
2026 (15 फरवरी तक) — 25 — 14 — 11

कुल स्थिति

-2023 से अब तक कुल 694 युवतियां लापता
-अधिकांश मामलों में प्रेम विवाह के बाद बरामद
-34 युवतियां अब भी लापता

 

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By Bharat Ki Awaz

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