जुआ, मटका, अवैध रेत खनन और सट्टेबाजी से परेशान जनता
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
रायचूर. जिले में अवैध गतिविधियों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। जुआ, मटका, अवैध रेत परिवहन और अन्य संगठित अपराधों ने आम लोगों, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन को प्रभावित कर दिया है। बीते तीन महीनों में ऐसे मामलों में 729 से अधिक केस दर्ज किए गए हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।
अवैध धंधों का बढ़ता असर
जिले में इक्का-दुक्का नहीं बल्कि संगठित तरीके से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। जुए की लत में फंसकर कई परिवार आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं और कर्ज के जाल में उलझते जा रहे हैं।
आबकारी विभाग ने 23 मामलों में 832 लीटर अवैध शराब जब्त की, जबकि गांजा मामलों में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर 4.35 किलो गांजा बरामद किया गया।
पुलिस पर भी उठ रहे सवाल
कुछ इलाकों में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर अवैध रेत परिवहन और जुआ गतिविधियों को पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। यहां तक कि कुछ बार और रेस्टोरेंट में जुआ खेलने की अनुमति दिए जाने की बातें भी सामने आ रही हैं।
क्रिकेट सट्टेबाजी पर भी कार्रवाई
पिछले 4 महीनों में क्रिकेट सट्टेबाजी के 26 मामले दर्ज किए गए हैं। कुल 70 आरोपी गिरफ्तार कर 87,110 रुपए नकद और 86,400 मूल्य के 20 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
फरवरी महीने में सबसे ज्यादा 16 केस दर्ज हुए, जिसमें 57 आरोपी पकड़े गए।
अवैध गतिविधियों की जानकारी दें
जनता को अवैध गतिविधियों से बचाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना लेकर जांच की जा रही है। नागरिकों को अपने आसपास हो रही अवैध गतिविधियों की जानकारी वीडियो या फोटो के जरिए साझा करनी चाहिए या आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना देनी चाहिए।
-अरुणांग्शु गिरी, जिला पुलिस अधीक्षक
जनवरी, फरवरी और मार्च महीनों में पुलिस की ओर से कार्रवाई कर दर्ज मामलों के आंकड़े।
इक्का (कार्ड जुआ) – 105 मामले
मटका – 172 मामले
जुआ – 22 मामले
मुर्गा लड़ाई – 18 मामले
आवश्यक वस्तु अधिनियम – 13 मामले
अवैध रेत खनन – 207 मामले
आबकारी (शराब) – 121 मामले
एनडीपीएस (गांजा) – 71 मामले
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