हुब्बल्ली में अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर।

भाजपा नेता जगदीश शेट्टर ने कहा
हुब्बल्ली. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर ने कहा कि कांग्रेस के पास राम मंदिर निर्माण के अलावा चर्चा के लिए कोई दूसरा मुद्दा नहीं है। कांग्रेस में राम मंदिर बनाने की क्षमता कहां थी? वह कार्य नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुआ।
शहर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री संतोष लाड के राम मंदिर बनने से गरीबी नहीं मिटेगी वाले बयान पर पलटवार करते हुए जगदीश शेट्टर ने कहा कि राम मंदिर की इमारत सही जगह पर नहीं बनी है, जहां इसका निर्माण होना है, वह जगह सही नहीं है तो आपको इस बारे कोर्ट में जाकर कहना चाहिए था। मंदिर बना रहे थे तो आप क्या कर रहे थे? मंत्री संतोष लाड को ये सब समझना चाहिए। कांग्रेस के नेता अगर इसी प्रकार राम मंदिर को लेकर बयान देेंंगे तो पिछली बार मिली सीट भी नहीं मिलेगी।
शेट्टर ने कहा कि अंग्रेजों से आजादी दिलाई और गरीबी खत्म करेंगे कहकर 70 साल तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस से देश में विकास नहीं हुआ है। पहले अटल बिहारी वाजपेयी और अब नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश ने विकास देखा है।

कांग्रेस में जाना कोई गलत कदम नहीं
भाजपा छोडक़र कांग्रेस में शामिल हुए थे तो उस समय के हालात वैसी थे। कांग्रेस में जाना कोई गलत कदम नहीं था। इस बारे में पहले ही स्पष्ट कर चुका हूं। मुझे किसी बात का पछतावा नहीं है।

मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को महत्व दिया
जगदीश शेट्टार ने लाड पर निशाना साधते हुए कहा कि चीन ने अतिक्रमण करने पर भी हमें पूछने वाला कोई नहीं है। आज जम्मू-कश्मीर में शांति बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सुरक्षा को महत्व दिया है। इस सब पर संतोष लाड चर्चा क्यों नहीं करते हैं। वे सिर्फ मुद्दे को गुमराह कर रहे हैं।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *