हुब्बल्ली
हर बच्चे को शिक्षित होने का पूरा अधिकार है और आज के आधुनिक समय में अच्छे से अच्छे स्कूल से सर्वाधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा प्राप्त करना आवश्यक हो गया है। भारत में आज सभी स्कूल, चाहे वो निजी हों या सरकारी, छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के लिए कक्षाओं में तकनीक के प्रयोग को प्रोत्साहन दे रहे हैं।
शहर के गोकुल रोड गिरी नगर में कर्नाटक जैन एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से संचालित आर्यन पब्लिक स्कूल के नए भवन में सभी आधिुनिक सुविधाओं को उपलब्ध किया गया है।
ट्रस्ट के रमेश बाफना ने पत्रिका को जानकारी दी कि आर्यन स्कूल में गुणवत्ता की शिक्षा के लिए गौर पाठ्यक्रम गितविधियों को भी प्राथमिकता देते हुए बच्चों के सर्वागीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। नए स्कूल भवन में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध की गई हैं। क्लासरूम, डायनिंग हॉल, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम हॉल, विज्ञान प्रयोगशाला, कम्प्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, शौचालय छात्रों व आछात्राओं और दिव्यांग बच्चों के लिए पृथक शौचालय, स्टाफ रूम, इंडोर गेम्स, आउटडोर गेम्स के लिए पृथक व्यवस्था की गई है। साथ ही विशाल रसोई, भोजन शाला का भी निर्माण किया गया है। सभी विद्यार्थियों को नाश्ता तथा मध्याह्न भोजन दिया जाता है। स्कूल यूनिफार्म आदि सभी स्कूल में ही उपलब्ध किए जाते हैं। सभी कक्षाओं में सीसीटीवी तथा स्मार्ट टीवी की व्यवस्था की गई है। विद्यालय का कार्यालय, सभी कक्षाएं तथा संपूर्ण प्रांगण में आधुनिक उपकरणों से लैस हैं। साथ ही बच्चों को योगा, कराटे आदि का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
अपने मोबाइल से लाइव कक्षाओं तथा अन्य गतिविधियों का निरीक्षण कर सकते हैं। साफ-सफाई, मेहनती कर्मचारी, माहीर शिक्षक हैं। छात्रों को बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध करने के अलावा दिव्यांग छात्रों के लिए विद्यालय में बेहतर पढाई और खेलों के लिए सुविधा उपलब्ध की गई है।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *