Mumtaz Ali's body was found under the Koolur Bridgeमुमताज अली।

छह लोगों के खिलाफ एफआईआर, तीन जने हिरासत में
मेंगलूरु. मिस्बा ग्रुप एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन और मेंगलूरु उत्तर निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक मोइयुद्दीन बावा एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य बी.एम. फारूक के भाई के भाई मुमताज अली का शव मिला है। ममताज अली रविवार सुबह लापता हुए थे, जिनका शव कूलूर ब्रिज के नीचे मिला है।
बचाव दल रविवार सुबह से ही तलाशी अभियान पर थे। मुमताज की बिल्कुल नई महंगी कार रविवार सुबह कूलूर ब्रिज के पास एक दुर्घटना की स्थिति में मिली थी। मोबाइल फोन और कार की चाबी वहींं होने के कारण आत्महत्या की आशंका पर तलाश शुरू की गई थी। गोताखोर ईश्वर मलपे और एनडीआरएफ की टीम समेत 7 स्कूबा गोताखोर पुल के आसपास तलाश कर रहे थे।

छह लोगों के खिलाफ एफआईआर

व्यवसायी मुमताज अली के लापता होने के मामले में एक महिला सहित छह लोगों के खिलाफ कावूर पुलिस थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। मुमताज अली के भाई हैदर की शिकायत के आधार पर रहमत, अब्दुल सत्तार, शफी, मुस्तफा, शोएब और सिराज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने बताया कि सामाजिक-धार्मिक नेता मुमताज अली को एक महिला का इस्तेमाल करके आत्महत्या करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आरोपियों की ओर से अली को लगातार धमकी दी जा रही थी। मुमताज अली के भाई हैदर अली ने 6 आरोपियों के खिलाफ उनसे लाखों रुपए ऐंठने और और पैसे मांगने की शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में कहा कि सामाजिक सेवा, धार्मिक और शैक्षिक क्षेत्रों में सक्रिय होकर 30 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय अली का नाम खराब करने का आरोपियों का दुर्भावनापूर्ण इरादा था। आरोपियों ने अली को एक महिला के साथ अवैध संबंध है कहकर बदनाम करने की धमकी देकर जुलाई 2024 से अब तक 50 लाख रुपए से अधिक की वसूली की है। महिला ने चेक के माध्यम से 25 लाख रुपए प्राप्त किए हैं।
सत्तार नामक व्यक्ति मुमताज अली का राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी था। वह अवैध संबंध है कहकर लगातार ब्लैकमेल करता रहा था। जान से मारने की धमकियों के अलावा मुमताज अली के परिवार को भी धमकी दी थी। इसके चलते मुमताज अली ने आत्महत्या कर ली है। फिलहाल पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।

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By Bharat Ki Awaz

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