योग मठ प्रमुखों और योगियों की संपत्ति थीविजय विट्ठल मंदिर परिसर में हम्पी उत्सव के चलते सामूहिक योगासन करते हुए।

हम्पी उत्सव : विजय विट्ठल मंदिर परिसर में सामूहिक योगासन

होस्पेट (विजयनगर). हरिहर पंचमसाली पीठाधिपति एवं योग गुरु वचनानंद स्वामी ने कहा कि योग मठ प्रमुखों और योगियों सहित कुछ लोगों की संपत्ति थी। योग को सार्वजनिक वस्तु बनाने का श्रेय योग गुरु बाबा रामदेव को जाता है।

वे शनिवार सुबह हम्पी उत्सव के अवसर पर हम्पी के विजय विठ्ठल मंदिर परिसर में विजयनगर जिला प्रशासन, कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग तथा पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित सामूहिक योगासन में बोल रहे थे।

स्वामी ने प्रशंसा करते हुए कहा कि आज पतंजलि परिवार देश और विदेश में नि:शुल्क योग प्रशिक्षण प्रदान करने के जरिए सेवा कर रहा है।

हम्पी उत्सव में पहली बार योग का परिचय देकर आयोजित योगाभ्यास में पतंजलि योग पीठ के योग गुरु एवं कर्नाटक राज्य प्रभारी भवरलाल आर्य ने योगाभ्यास के साथ-साथ योग के महत्व, योग करने की विधि एवं उससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी तथा उसका अभ्यास कराया।

जिलाधिकारी एम.एस. दिवाकर ने कहा कि मुझे खुशी है कि हम्पी उत्सव में पहली बार योग करने की अनुमति दी गई है। यह वास्तव में एक जरूरी काम था। भविष्य में यह प्रमुख कायक्रम बनना चाहिए।

आयुष विभाग की डॉ. सरला, पतंजलि योग साधकों और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के साधकों सहित सैकड़ों योग प्रेमियों ने इसमें भाग लिया था।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *