लिंगायतों की जनसंख्या एक करोड़ से अधिक हैउद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल।

एम.बी. पाटिल ने कहा

विजयपुर. उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने कहा कि हमें जाति जनगणना रिपोर्ट का अध्ययन करने और उसे समझने की जरूरत है। इस मुद्दे पर 17 अप्रेल को मंत्रिमंडल की विशेष बैठक होगी। हम वहां अपनी राय व्यक्त करेंगे। मेरे विचार से लिंगायतों की जनसंख्या एक करोड़ से अधिक है।

शहर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री पाटिल ने कहा कि मुझे नहीं पता कि जाति जनगणना रिपोर्ट में क्या है। बिना देखे बोलना गलत है। मैंने देखा है कि मीडिया में क्या रिपोर्ट किया गया। उन्हें नहीं पता कि यह बात कितनी सच है।

एक बार फिर जाति जनगणना की विभिन्न स्वामियों की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि यह उनकी राय पर छोड़ा गया है। हमने जाति जनगणना रिपोर्ट की एक प्रति मंगवाई है। रिपोर्ट देखकर, पढऩे के बाद ही इसके बारे में बात करेंगे। इस पर मंत्रिमंडल में चर्चा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लिंगायतों में 2ए आरक्षण के लिए हिंदू सादर, हिंदू गाणीगा, हिंदू बणजिगा को शामिल किया गया है। यदि इन सभी समुदायों को शामिल कर लिया जाए तो लिंगायत समुदाय की संख्या एक करोड़ से अधिक हो जाएगी। 2ए में कुछ समुदायों ने लिंगायत या वीरशैव लिंगायत के रूप में नहीं लिखवाया है। यह जनसंख्या 25 से अधिक है। इस प्रकार, लिंगायतों की जनसंख्या एक करोड़ से अधिक है। जाति जनगणना में लिंगायतों की संख्या में कमी के लिए कांतराज समेत किसी की गलती नहीं है।

पाटिल ने कहा कि फिलहाल हम जाति जनगणना रिपोर्ट का अध्ययन कर इसे समझेंगे। क्या 2ए में शामिल लोगों को लिंगायत माना जाना चाहिए? क्या उन्हें 3बी में लाना चाहिए या इस पर वे सहमत होंगे? इसे देखना पड़ेगा परन्तु लिंगायत सादर, बणजिगा, गाणिगा लिखेंगे तो आरक्षण नहीं मिलेगा। हम देखेंगे कि इसके लिए क्या कोई विकल्प है। हम इस मुद्दे पर किसी प्रकार का संघर्ष नहीं करेंगे। हम सब मिलकर इस समस्या का समाधान करेंगे।

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By Bharat Ki Awaz

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