मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले पाइपों को बदलाहुब्बल्ली के मानसगिरी लेआउट में सडक़ किनारे पड़े निकाले गए एचडीपीई पाइप।

जुड़वां शहरों को निरंतर पानी उपलब्ध कराने की योजना

पाइप अपेक्षित पानी के दबाव को झेलने में सक्षम नहीं

हुब्बल्ली. हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वा शहरों को निरंतर जलापूर्ति उपलब्ध कराने की परियोजना में किसी न किसी कारण से देरी हो रही है। इसमें नवीनतम एचडीपीई पाइपों में खराबी है।

केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) की ओर से डेढ़ साल पहले किए गए परीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि हुब्बल्ली-धारवाड़ में 24/7 जलापूर्ति प्रदान करने के लिए परियोजना के तहत भूमिगत बिछाई गई उच्च घनत्व वाली पॉलीथीन (एचडीपीई) पाइपों की गुणवत्ता में खराबी थी।

सडक़ किनारे ही पड़े हैं हटाए गए पाइप

टेक्समो कंपनी की कुल 300 किलोमीटर पाइप बिछाई गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये पाइप अपेक्षित पानी के दबाव को झेलने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए, इस कंपनी के पाइपों को हटाने और सुप्रीम कंपनी के नए पाइप लगाने का काम विभिन्न क्षेत्रों में चल रहा है। हटाए गए पाइप फिलहाल सडक़ किनारे ही पड़े हैं।

संस्था से वसूली पाइपों की लागत

कई मानदंडों के आधार पर हाइड्रो टेस्ट (पानी का दबाव) किया गया है। इनमें से केवल एक स्थान पर पाइप मानदंडों को पूरा करने में विफल रहा। इन पाइपों की लागत संस्था से वसूल की जा चुकी है।

पाइप बदलने का काम चल रहा है

नई लगाई गई पाइपों का हाइड्रो टेस्ट होने के बाद ही स्वीकृति दी जाएगी। परीक्षण के मानदंडों को पूरा करने में विफल होने के कारण पाइपों को बदलने के लिए गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरकारी समिति ने निर्देश दिया था। गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें बदलने का काम चल रहा है।
एचएन मंजूनाथ, अधीक्षक अभियंता, केयूडब्ल्यूएसएमपी-पीआईयू

अभी और इंतजार करना होगा

जलापूर्ति के लिए जमीन के ऊपर और नीचे कुल 23 टैंक बनाए जा रहे हैं, जिनमें से केवल दो टैंकों का निर्माण लंबित है। कुल 1.20 लाख नलों को जोडऩे का इरादा है, परन्तु अभी तक केवल 15,000 ही पूरे हो पाए हैं। इसलिए पानी के भंडारण टैंक तैयार होने के बाद भी घरों तक कनेक्शन पूरा होने में और समय लगने में कोई संदेह नहीं है। हालांकि मलप्रभा नदी से अम्मीनबावी जल शोधन संयंत्र को पानी की आपूर्ति करने वाली पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है, परन्तु वहां से रायापुर जल भंडार को स्वच्छ पानी की आपूर्ति करने वाली पाइपलाइन का काम अभी भी 2 किलोमीटर बाकी है। इन सभी कारणों से जून तक पूरा होने वाला कार्य अवधि दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। फिलहाल, नवलूर, सन सिटी, मोरारजी नगर, डीसी कंपाउंड क्षेत्रों में ट्रायल बेसिस पर जलापूर्ति शुरू हुई है। पूरे शहर के लोगों को निरंतर पानी की सुविधा पाने के लिए अभी और इंतजार करना होगा।

कार्य का विवरण

-1,650 किमी. जुड़वां शहरों में भूमिगत बिछाई जा रही पाइपों की लंबाई
-700 किमी काम अब तक पूरा हो चुका है
-300 किमी. पाइपों की लंबाई बदलने की जरूरत

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By Bharat Ki Awaz

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