बंदरों का आतंक, लोग घरों से निकलने से डर रहे हैंअन्निगेरी तालुक के हल्लिकेरी गांव में एक घर के सामने कम्पाउंड पर बैठे बंदर।

लोगों पर कर रहे हैं हमला

कुछ भी देखते हैं उसे छीन रहे हैं

हुब्बल्ली. अन्निगेरी तालुक के हल्लिकेरी गांव में बंदरों का आतंक बढ़ गया है और लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं। आंगन और घरों की छतों पर झुंड में आने वाले बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं और जो कुछ भी देखते हैं उसे छीन रहे हैं।

कभी-कभी ये घरों के अंदर भी घुसकर हंगामा मचा रहे हैं। ये बच्चों और महिलाओं को डरा रहे हैं। बंदरों के आतंक के कारण बच्चे स्कूल जाने से भी डर रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों का सडक़ पर चलना भी मुश्किल हो रहा है। बंदर सडक़ के एक तरफ से दूसरी तरफ कूदते हैं सिसे कई लोग अपनी बाइक से गिरकर घायल हो गए हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि गांव के मोबाइल टावर, मंदिर और अन्य जगहों पर रात बिताने वाले ये बंदर दिन में घरों की छतों से कूदकर लोगों को परेशान कर रहे हैं। इन बंदरों को वन विभाग के कर्मचारियों की ओर से पकडक़र जंगल में छोडऩा चाहिए।

गांव की मालिंगव्वा हूगार ने कहा कि महिलाएं छत पर कपड़े सुखाने भी नहीं जा सकतीं ऐसी स्थिति पैदा हो गई है। तीन-चार बंदर झुंड में इक_ा होकर उन्हें डरा रहे हैं। वे घर में लगे फल और फूल के पौधों को खाकर फेंक रहे हैं। वे केबल डिश को भी नष्ट कर रहे हैं। बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्हें तुरंत जंगल में वापस भेजने के लिए काम करना चाहिए।

फकीरव्वा तलवार ने कहा कि गांव में बंदरों के उत्पात को रोकने के लिए वन विभाग और ग्राम पंचायत से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, कोई फायदा नहीं हुआ है। बंदरों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ दिनों से वे घरों में घुसकर उत्पात मचा रहे हैं। उनके उत्पात के कारण शांतिपूर्ण जीवन जीना असंभव हो गया है।

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By Bharat Ki Awaz

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