प्रतिभा पुरस्कार समारोह में विधायक विजयानंद काशप्पनवर का आह्वान
इलकल (बागलकोट). कर्नाटक वीरशैव लिंगायत विकास निगम के अध्यक्ष एवं विधायक विजयानंद काशप्पनवर ने कहा कि देवांग समाज को विशेषकर समाज के उपसमूहों को साथ लेकर संगठित होकर काम करना चाहिए। संगठन में ही शक्ति है, और बुनकरों का समुचित विकास तभी संभव है जब वे एकजुट होकर कार्य करें।
विधायक काशप्पनवर वीरमणि सांस्कृतिक भवन में बागलकोट जिला देवांग संघ, देवांग कर्मचारी संघ, इलकल देवांग संघ, और इलकल तालुक कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतिभा पुरस्कार एवं सम्मान समारोह के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जाति आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देवांग समाज से आग्रह किया कि वे सर्वेक्षण में भाग लेकर सटीक जानकारी दें ताकि समाज को न्याय मिल सके।
काशप्पनवर ने घोषणा की कि शहर की 42 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही कॉलोनी में बुनकर समुदाय के लिए 700 घर आरक्षित किए जाएंगे। सरकार हमेशा बुनकर समुदाय के साथ रही है और भविष्य में भी वह स्वयं समाज की आवाज बुलंद करेंगे।
पूर्व विधायक दोड्डनगौड़ा पाटील ने कहा कि बुनकर समुदाय संकट में है और समाज को शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल में मिले समर्थन के लिए कृतज्ञता भी प्रकट की।
देवांग संघ के राज्य अध्यक्ष रवीन्द्र कलबुर्गी ने जाति सर्वेक्षण के पुराने प्रयासों को लेकर असंतोष जताया और नए सर्वेक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
समारोह की अध्यक्षता सतीश सप्परद ने की तथा हेमकूट (हम्पी) से पधारे देवांग जगतगुरु दयानंदपुरी महास्वामी एवं मुनिस्वामी देवांगमठ के सान्निध्य में कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिला देवांग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बसवराज कुदरी ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में देवांग संघ की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारी, स्थानीय नागरिक, और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सम्मान प्राप्त करने वाले प्रमुख व्यक्तित्व
देवांग कुलभूषण प्रशस्ति- पंपापति काळगी (इलकल), मनोहर रामदुर्ग (सूळेभावी), रंगप्पा शेबीनकट्टी (गुळेदगुड्ड), गोपालप्पा वनकी (कमतगी), संकण्णा होसमनी (केरूर), पाण्डुरंग शालदार (बागलकोट)
देवलमहर्षी समाज सेवा प्रशस्ति – 16 चिकित्सक दंपति, 8 साधक
देवलमहर्षी कलाश्री प्रशस्ति – 4 ख्यात कलाकार
देवलमहर्षी सेवा प्रशस्ति – 32 सेवाभावी व्यक्ति
प्रतिभा पुरस्कार – एसएसएलसी व पीयूसी परीक्षाओं में 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी

