90-दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान
राष्ट्र के लिए मध्यस्थता
हुब्बल्ली. कर्नाटक उच्च न्यायालय की धारवाड़ खंडपीठ में मुख्य न्यायाधीश विभु बाकरु की उपस्थिति में आयोजित 90-दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान के अंतर्गत एक 45 वर्ष पुराना संपत्ति विवाद आपसी समझौते के माध्यम से सुलझा लिया गया।
यह मामला सन् 1980 में दाखिल मूल वाद संख्या 424/1980 से संबंधित था, जिसमें हुब्बल्ली के दुर्गादबैल क्षेत्र की संपत्ति को लेकर भावसार क्षत्रिय समाज ट्रस्ट कमेटी, पान बाजार, हुब्बल्ली और प्रतिवादी मारुति गुंडूराव लोखंडे तथा अन्य पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
इस केस में उच्च न्यायालय में आरएफ नंबर 5004/2008 के तहत अपील लंबित थी। मध्यस्थ वाय. लक्ष्मीकांत रेड्डी की मध्यस्थता में दोनों पक्षों ने अपने वकीलों के माध्यम से आपसी सहमति जताई और मामला सुलझा लिया गया।
इस अवसर पर पक्षकारों की ओर से वकील गौरिशंकर मोंट, हिरणकुमार पाटिल, और के.एस. कोरीशेट्टार उपस्थित थे।
इसी दौरान दो अन्य सिविल मामले और कर्नाटक परिवहन विभाग एवं एक ठेकेदार के बीच लंबित रिट याचिका को भी आपसी समझौते से सुलझा लिया गया।
न्यायाधीश अनु सिवरामन, सुनील दत्त यादव तथा धारवाड़ खंडपीठ के अन्य न्यायाधीशगणों ने भाग लिया था।
उच्च न्यायालय के अधीक्षक प्रकाशन अधिकारी (न्यायपालिका) और विधिक सेवा समिति के सचिव जेराल्ड रुडोल्फ मेंडोंसा ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 सितंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। इसमें जिला, तालुक, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर लंबित मामलों को सुलझाया जाएगा।

