अनुसूचित जाति के युवकों को पेड़ से बांधकर पीटारामदुर्ग तालुक के गोड़ची गांव में पेड़ से बंधा अनुसूचित जाति का युवक।

बेलगावी. रामदुर्ग तालुक के ऐतिहासिक गोड़ची गांव में अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले दो युवकों को पेड़ से बांधकर पीटने की घटना सामने आई है। इनमें से एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हमले में लिंगायत समाज के लोग शामिल थे, जबकि पीडि़त एसटी समुदाय के हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

हमले के शिकार युवकों की पहचान ईरन्ना विठ्ठल नायक (18) और लक्ष्मण मल्लप्पा चिप्पलकट्टी (19) के तौर पर की गई है। यह घटना 5 अगस्त को हुई थी, जबकि शिकायत 11 अगस्त को दर्ज की गई है। लिंगायत समाज के ईरन्ना संगप्पा पाकनट्टी, बसनगौड़ा निंगनगौड़ा पाटील, प्रदीप ईरन्ना पाकनट्टी, महांतेश लक्ष्मण पाकनट्टी, सचिन दानप्पा पाकनट्टी, निंगराज ईरप्पा पाकनट्टी और संगप्पा निंगप्पा पाकनट्टी के खिलाफ हत्या की कोशिश, जानलेवा हमला और जातिसूचक गाली देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता विठ्ठल लक्ष्मण नायकर ने कहा कि हमारी और आरोपियों की जमीनें एक-दूसरे के पास हैं। आरोपियों ने हमारी जमीन तक जाने का रास्ता नहीं छोड़ा, इसी बात पर झगड़ा हुआ। इसके बाद उन्होंने युवकों को पेड़ से बांधकर पीटा, कुल्हाड़ी दिखाकर हत्या की धमकी दी और जातिसूचक गालियां दीं।

इसके जवाब में लिंगायत समाज के एक व्यक्ति ने पलट-शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह घटना खेत के विवाद से जुड़ा नहीं है। दोनों युवक मेरी 14 वर्षीय बेटी को परेशान कर रहे थे। जब वह स्कूल जाती और लौटती थी, तो बाइक से पीछा करते थे, प्यार करने के लिए मजबूर करते थे। मोबाइल नंबर देने के लिए दबाव बना रहे थे और मना करने पर धमकी दे रहे थे।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पेड़ से बंधे अनुसूचित जाति के एक युवक से कुछ लड़कियां भी डांट-फटकार करती नजर आ रही हैं। वीडियो में यह भी सुना जा सकता है कि, “ये लोग हमारे साथ हमेशा अच्छे रहे हैं, हमें बहन और मां कहकर बुलाते हैं। हम दशकों से उनके खेतों में काम कर रहे हैं, कभी हमें छोटा नहीं समझा। फिर तुमने उनके घर की लडक़ी के साथ ऐसा गलत काम क्यों किया? तुम्हारे घर में भी बेटियां हैं, समझो।”

कटकोल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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By Bharat Ki Awaz

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