आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए नसबंदी अभियान शुरूलिंगसुगूर में आवारा कुत्तों पकड़ कर नसबंदी के लिए ले जाते हुए।

लिंगसुगूर नगर परिषद की पहल

रायचूर. लिंगसुगूर नगर परिषद क्षेत्र में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से परिषद ने कुत्तों के बंध्याकरण (नसबंदी) शस्त्र-चिकित्सा अभियान की शुरुआत की है।

परिषद क्षेत्र में करीब 500 से अधिक आवारा कुत्तों के बंध्याकरण का कार्य चिक्कमगलूरु ग्रीन फूड प्रिंट ट्रस्ट को सौंपा गया है। इसके तहत कुत्तों को पकडक़र नगर के ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र ले जाया जा रहा है, जहां पशु-चिकित्सकों की ओर से शल्यक्रिया की जा रही है। उपचार के बाद कुत्तों को रेबीज-रोधी टीका लगाकर आवश्यक देखभाल के उपरांत निर्धारित स्थानों पर छोड़ा जा रहा है।

परिषद का कहना है कि नगर परिषद की ओर से प्रत्येक कुत्ते के उपचार के लिए ट्रस्ट को 1,650 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। शल्यक्रिया के दौरान संक्रमण रोकने के लिए विशेष दवाइयों का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से कुत्तों की ओर से इंसानों पर हमले की स्थिति में रेबीज संक्रमण की आशंका नहीं रहेगी।

प्रतिदिन औसतन 20 कुत्तों की नसबंदी

शस्त्र-चिकित्सा किए गए कुत्तों की पहचान के लिए उनके एक कान का लगभग आधा इंच हिस्सा काटा जा रहा है। प्रतिदिन औसतन 20 कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। यह अभियान पिछले दो दिनों से प्रारंभ हो चुका है और एक महीने तक जारी रहेगा।
के. गिरिजा, पर्यावरण अभियंता, लिंगसुगूर नगर परिषद

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By Bharat Ki Awaz

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