दो वर्षों से भर्ती अधिसूचना न आने से हजारों अभ्यर्थी लौटे गांव
कोचिंग व पुस्तकालयों पर संकट
हुब्बल्ली. कभी प्रतियोगी परीक्षार्थियों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला धारवाड़ अब सुनसान होता जा रहा है। कारण—पिछले दो वर्षों से राज्य सरकार की किसी भी विभागीय भर्ती की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। सरकारी नौकरी की आस में यहां टिके अभ्यर्थी अब मायूस होकर अपने-अपने गांव लौटने लगे हैं।
गदग, हावेरी, बागलकोट, विजयपुर, बेलगावी, बीदर, कलबुर्गी, बल्लारी और होसपेट सहित कई जिलों से हजारों छात्र धारवाड़ आकर तैयारी करते थे। यहां लगभग 500 पीजी रूम और 300 से अधिक पुस्तकालय इन्हीं अभ्यर्थियों से भरे रहते थे परन्तु अब वे खाली हो रहे हैं। कई पुस्तकालय और कोचिंग सेंटर बंद होने के कगार पर हैं।
अभ्यर्थियों की व्यथा
बागलकोट के सुरेश बिरादार ने कहा कि वे दो साल से धारवाड़ में तैयारी कर रहे हैं। हर महीने 6 हजार रुपए खर्च होता है। घर की हालत खराब है परन्तु भर्ती अधिसूचना नहीं आने से अब पढ़ाई छोडक़र कोई काम करना पड़ेगा।
रायचूर के रामकुमार कहते हैं कि तीन साल से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा हूं। अब आयुसीमा पार होने का डर सताने लगा है। सरकार को तुरंत नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
रोजाना पुस्तकालय छोड़ रहे हैं दर्जनों छात्र
धारवाड़ के बसवश्री 24 गुणा 7 पुस्तकालय के प्रबंधक हनमंत तलवार ने कहा कि पहले पुस्तकालयों में इतनी भीड़ होती थी कि छात्रों को जमीन पर बैठना पड़ता था। अब रोजाना दर्जनों छात्र पुस्तकालय छोड़ रहे हैं।
आर्थिक संकट में अकादमियां
क्लासिक समूह संस्थानों के संस्थापक निदेशक लक्ष्मण एस. उप्पार का कहना है कि केएएस, पीएसआई, एफडीए जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अकादमियों में बड़ी संख्या में छात्र आते थे परन्तु भर्ती रुकने से प्रवेश घटा है और अकादमियां आर्थिक संकट में हैं।
भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करें
विधान परिषद सदस्य एस.वी. संकनूर ने कहा कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में 2.76 लाख पद रिक्त हैं। लाखों अभ्यर्थी इंतजार कर रहे हैं। सरकार को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

