धर्मस्थल खोपड़ी प्रकरण में जांच तेज
डिजिटल ट्रायल और मनी ट्रायल की जांच एनआईए-ईडी से कराने की मांग
बेल्तंगड़ी (मेंगलूरु). धर्मस्थल गांव में हुए खोपड़ी प्रकरण की जांच में एसआईटी लगातार नए तथ्यों का पता लगा रही है। जांच के दौरान यह सामने आया कि वर्ष भर पहले ही चिन्नय्या के माध्यम से कुछ क्षेत्रों में पौधे लगाकर चिन्हित किया गया था, ताकि जांच में सुविधा हो।
चिन्नय्या की भूमिका
एसआईटी के अनुसार, चिन्नय्या ने स्वयं बताया कि बंगलेगुड्डा, नेत्रावती स्नानघाट, बाहुबली पहाड़ी और बोलियारू क्षेत्र में विशेष पौधों के माध्यम से स्थानों को चिन्हित किया गया था। टीम ने कहा कि इन पौधों के आस-पास ही कुछ साक्ष्य होने की संभावना थी।
रिसॉर्ट निरीक्षण
एसआईटी टीम ने चिन्नय्या के साथ उजीरे से 1.5 किलोमीटर दूर स्थित एक रिसॉर्ट का निरीक्षण किया। टीम ने रिसॉर्ट के कमरे के रेकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी संबंधित व्यक्तियों की जानकारी जुटाई।
न्यायालय में पेशी
चिन्नय्या की 11 दिन की हिरासत मंगलवार को पूरी हुई। बुधवार को उसे 12वें दिन न्यायालय में पेश किया गया। हिरासत बढ़ाने की संभावना बनी हुई है।
गिरीश मट्टणवर के खिलाफ शिकायतें
यूट्यूब पर गिरीश मट्टण्णनवर और अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग शिकायतें बेल्तंगड़ी पुलिस में दर्ज हैं। आरोप है कि उन्होंने समाज की शांति और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान दिए और अश्लील वीडियो प्रसारित किया।
अंतरिम रिपोर्ट क्यों जारी नहीं कर रही सरकार
पूर्व उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि धर्मस्थल के खिलाफ बढ़ते प्रचार-प्रसार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। चिन्नय्या, समीर और मट्टण्णनवर की भूमिका की पूरी जांच होनी चाहिए। सरकार अंतरिम रिपोर्ट क्यों जारी नहीं कर रही है, इस पर सवाल उठता है।
प्रशांत संबरगी की शिकायत
प्रशांत संबरगी ने एसआईटी में शिकायत दर्ज कराई कि यूट्यूबर्स ने चिन्नय्या का साक्षात्कार बिना मास्क के लिया और साक्ष्य संरक्षण अधिनियम का दुरुपयोग किया है।
एनआईए और ईडी से जांच की मांग
विशेषज्ञों और नेताओं का कहना है कि धर्मस्थल मामले में फंड ट्रांसफर, मनी ट्रायल और डिजिटल ट्रायल की जांच एनआईए और ईडी की ओर से करनी चाहिए।

