कांग्रेस की योजनाओं से बढ़ी आय, महिलाओं को मिला स्वाभिमान
हुब्बल्ली. धारवाड़ शहर के सृजना रंगमंदिर में आयोजित पंच गारंटी योजनाओं पर जिलास्तरीय कार्यशाला एवं गारंटी उत्सव में जिला प्रभारी मंत्री संतोष एस. लाड ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं की आलोचना करने वाली भाजपा इन्हीं योजनाओं को बिहार, महाराष्ट्र और असम जैसे राज्यों में लागू कर रही है।
60 हजार करोड़ का प्रावधान
लाड ने कहा कि गारंटी योजनाओं के लिए सरकार हर साल करीब 60 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान कर रही है। इन योजनाओं से महिलाओं को स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अवसर मिला है और राज्य की प्रति व्यक्ति आय व जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए लाड ने कहा कि भाजपा स्टार्टअप को बढ़ावा देने का दावा करती है, जबकि देश में अब तक 2.11 लाख स्टार्टअप बंद हो चुके हैं।
धारवाड़ जिला अव्वल
गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन प्राधिकरण के अध्यक्ष एच.एम. रेवन्ना ने कहा कि धारवाड़ जिला राज्य में पहले स्थान पर है और यहां 98 प्रतिशत लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंच चुका है।
इस अवसर पर बेलगावी संभाग उपाध्यक्ष एस.आर. पाटील, हेस्कॉम अध्यक्ष अजीम पीर एस. खादरी, विधान परिषद सदस्य एफ.एच. जक्कप्पनवर, जिलाधिकारी दिव्य प्रभु, जिला पंचायत सीईओ भुवनेश पाटील और एसपी गुंजन आर्य मौजूद थे।
‘दासोही हैं, मुफ्तखोरी नहीं’
‘जागरूक कर्नाटक’ के एच.वी. वासु ने कहा कि गारंटी योजनाएं विकास अर्थशास्त्रियों की सलाह से तैयार की गई हैं। देश की प्रति व्यक्ति आय 2024-25 में 1.40 लाख रुपए है। कर्नाटक में यह 2.04 लाख रुपए तक पहुंची है। योजनाओं से क्रय शक्ति बढ़ी, गरीब सम्मानजनक जीवन जी पा रहे हैं। उन्होंने योजनाओं को ‘मुफ्तखोरी’ बताने को गलत ठहराते हुए कहा कि ये दासोही (देने वाली) हैं।
सियासी बयान पर फुसफुसाहट
विधायक एन.एच. कोनरेड्डी के उस बयान पर चर्चा गर्म रही, जिसमें उन्होंने कहा कि महिलाओं को गारंटी योजनाओं का लाभ मिला है, इसलिए हर महिला को 10 वोट दिलाकर कांग्रेस को फिर सत्ता में लाना चाहिए। सरकारी मंच से इस तरह के राजनीतिक बयान पर सभा में सवाल उठते नजर आए।
सीटी की गूंज
कार्यक्रम के अंतिम चरण में जब एच.एम. रेवन्ना भाषण देने खड़े हुए तो कुछ लोग बाहर जाने लगे। इस पर मंत्री संतोष लाड ने सीटी बजाकर और हाथ के इशारे से उन्हें बैठने का संकेत दिया। बावजूद इसके कुछ लोग निकलने लगे तो उन्होंने दोबारा सीटी बजाकर रुकने को कहा।

