जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी
प्रचार वाहन से गांव-शहर में पहुंचेगा संदेश
जनसहभागिता से ही खत्म होगी कुप्रथा
गदग. जिले में बाल श्रम और किशोर श्रम प्रथा के उन्मूलन के लिए जागरूकता अभियान को गति दी गई है। जिला प्रशासन भवन परिसर से एक विशेष ऑटो रिक्शा प्रचार वाहन को जिलाधिकारी सी.एन. श्रीधर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर बाल श्रम निषेध, कानूनी प्रावधानों और बच्चों के शिक्षा के अधिकार से संबंधित संदेश आम जनता तक पहुंचाएगा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बाल एवं किशोर श्रम विरोधी संदेश देने वाले पर्चे, पोस्टर और स्टिकर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनन अपराध ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय भी है। इसे समाप्त करने के लिए जन-जागरूकता और सामाजिक सहभागिता आवश्यक है।
श्रीधर ने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल या किशोर श्रम दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें। अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को काम पर लगाने के बजाय शिक्षा से जोड़ें, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
यह अभियान आगामी दिनों में जिले भर में निरंतर चलाया जाएगा, ताकि बाल श्रम मुक्त गदग का लक्ष्य साकार किया जा सके।
कार्यक्रम में जिला श्रम अधिकारी श्रीशैल सोमनकट्टी, जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक वसंत मडलूर, श्रम निरीक्षक सुष्मा, परियोजना निदेशक संदेश पाटील सहित श्रम विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

