पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुबेरप्पा का विरोध
अहिंद वर्ग को अवसर देने की मांग
हुब्बल्ली. कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चुनावी सरगर्मी के बीच कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आया है। टिकट के प्रबल दावेदार रहे आर.एम. कुबेरप्पा ने कांग्रेस द्वारा मोहन लिंबिकाई को उम्मीदवार घोषित किए जाने पर नाराजगी जताते हुए इसे अपने साथ अन्याय करार दिया।
लिंबिकाई पर सवाल
हुब्बल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कुबेरप्पा ने कहा कि भाजपा से कांग्रेस में आए मोहन लिंबिकाई का अहिंद वर्ग संगठन में कोई उल्लेखनीय योगदान नहीं रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कार्यकर्ता और कई वरिष्ठ नेता भी उन्हें नहीं जानते। ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाना जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है।
अहिंद समुदाय को टिकट की मांग
कुबेरप्पा ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि मोहन लिंबिकाई को दिया गया टिकट तत्काल रद्द किया जाए और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अहिंद समुदाय के किसी योग्य प्रतिनिधि को अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अहिंद वर्ग की मजबूत उपस्थिति वाला है और यहां उसी वर्ग के प्रतिनिधि को टिकट देना चाहिए।
समानांतर सम्मेलन की घोषणा
कुबेरप्पा ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की ओर से 13 फरवरी को हावेरी में आयोजित किए जा रहे सम्मेलन के समानांतर उसी दिन और स्थान पर “हजार अहिंद संघर्षकर्ताओं का सम्मेलन” आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से अहिंद समुदाय की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।
आगे की रणनीति
उन्होंने कहा कि वे पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार जिलों का दौरा करेंगे और समर्थकों के साथ बैठक कर आगे की राजनीतिक रणनीति तय करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल टिकट का नहीं, बल्कि अहिंद समुदाय को न्याय दिलाने का है।
कुबेरप्पा का विरोध कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण को लेकर गहराते असंतोष का संकेत माना जा रहा है।

