केंद्र सरकार ने वादे तोड़े, राज्य की जनता से धोखा
आवास वितरण समारोह में 88,000 से अधिक घरों का लाभार्थियों को हस्तांतरण
भाजपा पर हमला – “हमने कहा और करके दिखाया, उन्होंने कहा और झूठ फैलाया”
हुब्बल्ली. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि गरीब और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग भी समाज की मुख्यधारा में आएं। इसी उद्देश्य से इतनी बड़ी संख्या में घरों का वितरण किया जा रहा है। हमारी गारंटी योजनाओं का मकसद गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है।
आवास विभाग और कर्नाटक राज्य गृह मंडल द्वारा आयोजित विशाल समारोह में सिद्धरामय्या ने राज्य के विभिन्न जिलों में निर्मित 42,345 घर तथा झुग्गी विकास मंडल द्वारा बनाए गए 46,000 घर पात्र लाभार्थियों को सौंपे।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि अपने पहले कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने 14.58 लाख घर बनाकर आवास क्रांति की थी। दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद 2024 में पहले चरण में 36,789 घर और अब दूसरे चरण में 45,000 घर वितरित किए जा रहे हैं।
भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना
सिद्धरामय्या ने सवाल उठाया कि विदेश से काला धन लाकर हर खाते में 15 लाख रुपए डालने का वादा करने वाले, क्या उन्होंने दिया?” उन्होंने आरोप लगाया कि महादायी, कृष्णा ऊपरी तटबंध और भद्रा ऊपरी तटबंध योजनाओं में भी भाजपा और केंद्र सरकार ने वादाखिलाफी कर जनता को धोखा दिया।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को चुनौती दी कि इन मुद्दों पर जवाब दें।
राज्य का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक घर पर 4–5 लाख रुपए खर्च राज्य सरकार करती है, जबकि केंद्र का योगदान 1 लाख रुपए से भी कम है। पैसा हमारा, नाम प्रधानमंत्री आवास योजना का कहकर उन्होंने व्यंग्य किया।
पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने घर निर्माण पर 5,500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
आर्थिक स्थिति पर स्पष्टता
भाजपा द्वारा सरकार को दिवालिया बताने के प्रचार को खारिज करते हुए सिद्धरामय्या ने कहा कि हम किसानों के पंपसेट पर हर साल 2,500 करोड़ रुपए सब्सिडी देते हैं। विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी पर्याप्त धन जारी कर रहे हैं।
कार्यक्रम में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, विधान परिषद सभापति बसवराज होरट्टी, आवास मंत्री जमीर अहमद खान, मंत्री सतीश जारकीहोली, एच.सी. महादेवप्पा, एच.के. पाटील, के.एच. मुनियप्पा, संतोष लाड, झुग्गी विकास मंडल अध्यक्ष प्रसाद अब्बय्या, विधान परिषद सदस्य बी.के. हरिप्रसाद, सलीम अहमद, स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे।

