वी. सोमण्णा का सरकार पर तीखा हमला
रेलवे योजनाओं में राज्य सरकार की अनदेखी से देरी
दांडेली-अल्नावर रेल सेवा का शुभारंभ
दांडेली (बेलगावी). केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमण्ना ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी “जमीन खो चुकी” है और शासन व्यवस्था हिलती-डुलती नजर आ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सिध्दरामय्या की सरकार को “झूठी सरकार” करार दिया और दावा किया कि कुछ ही महीनों में इसकी असलियत सामने आ जाएगी।
सोमण्णा ने कहा कि मुख्यमंत्री के पुत्र यतींद्र सिध्दरामय्या के बयान यह दर्शाते हैं कि कांग्रेस में वंशवाद आधारित राजनीति जारी है।
रेलवे परियोजनाओं में देरी
सोमण्णा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने के लिए राज्य सरकार का सहयोग अनिवार्य है, लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की अनदेखी के कारण कई रेलवे परियोजनाएं विलंबित हो रही हैं। धारवाड़-कित्तूर-बेलगावी रेलवे मार्ग के निर्माण में भूमि अधिग्रहण बड़ी बाधा है। केवल 55 एकड़ भूमि का मामला लंबित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति जारी रही तो रेलवे “कानून के तहत” कार्रवाई करने पर मजबूर होगा।
हाई-स्पीड रेल पर चर्चा
सोमण्णा ने कहा कि बेंगलूरु-पुणे हाई-स्पीड ट्रेन पर बातचीत एक महत्वपूर्ण चरण में है और इसे जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राज्य में चल रही कई परियोजनाओं को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
दांडेली-अल्नावर रेल सेवा पुन: प्रारंभ
शनिवार को दांडेली-अल्नावर रेल मार्ग पर ट्रेन सेवा पुन: शुरू की गई। कोविड के कारण 2020 में बंद हुई यह सेवा अब फिर से उपलब्ध है। सोमण्णा ने कहा कि रेलवे विभाग वर्तमान में 52,950 करोड़ रुपए के काम कर रहा है और 3,840 किमी नई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि पहले सरकार में सालाना 200 इलेक्ट्रिक इंजन बनते थे, जबकि मोदी सरकार में यह संख्या 1500 से अधिक हो गई है।
दांडेली से अल्नावर तक यात्रा अब मात्र 10 रुपए में संभव होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दांडेली से हुब्बल्ली तक रेल संपर्क प्रदान करने का प्रयास किया जाए।
विधायक आर.वी. देशपांडे ने कहा कि इस रेल मार्ग का ऐतिहासिक महत्व है और इसे स्थायी रूप से चलाना चाहिए।
सांसद विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने कहा कि डेमू ट्रेन सेवा से स्थानीय नागरिकों, छात्रों, कर्मचारियों और पर्यटकों को सस्ती और सुरक्षित यात्रा मिलेगी। इससे दांडेली के पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भविष्य की योजनाएं
बेंगलूरु-मेंगलूरु (वंदे भारत) एक्सप्रेस को कारवार तक बढ़ाने का प्रयास।
दांडेली-अल्नावर रेल को जल्द ही हुब्बल्ली तक विस्तारित करने की योजना।
हुब्बल्ली-अंकोला रेल परियोजना (1,700 करोड़ रुपए) को मंजूरी मिलने की उम्मीद।
सोमण्णा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास धन नहीं है, इसलिए वह केंद्रीय रेल परियोजनाओं का समर्थन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि मैसूर-हुणसूरुऔर पिरियापट्टण-कुशलनगर जैसी परियोजनाओं के लिए डीपीआर भेजी गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने “पैसे नहीं” कहकर पीछे हट गई।

