उत्तर कर्नाटक में तपिश की दस्तक, पारा 30 डिग्री के पारसांदर्भिक फोटो।

फरवरी की शुरुआत में ही बढ़ी गर्मी

कारवार में 37 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

शिवरात्रि के बाद और तेज होने के संकेत

बागलकोट. भीषण ठंड से उबरते ही उत्तर कर्नाटक में अब सूरज आग उगलने लगा है। फरवरी के पहले सप्ताह में ही कई जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि महाशिवरात्रि के बाद गर्मी और तीव्र हो सकती है। स्थानीय कहावत भी है कि “शिवरात्रि से ‘शिव-शिव’ शुरू।”

कई जिलों में पारा चढ़ा

कारवार में 9 फरवरी को सर्वाधिक 37.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बल्लारी में 34.8 डिग्री सेल्सियस, कलबुर्गी में 34 डिग्री सेल्सियस, बागलकोट में 31.9 डिग्री सेल्सियस, धारवाड़ में 31.6 डिग्री सेल्सियस, विजयपुर में 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

न्यूनतम तापमान औसतन 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। सुबह और शाम हल्की ठंडी हवा कुछ राहत दे रही है, लेकिन दोपहर में पहाड़, सडक़ और जलस्रोतों से तपती गर्म हवा लोगों को झुलसा रही है।

ठंड गायब, गर्मी का झटका

वर्ष 2025 में कई वर्षों बाद उत्तर कर्नाटक के जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ी थी। तापमान में भारी गिरावट से लोग परेशान थे। अब ठंड जाते ही अचानक बढ़ी गर्मी ने लोगों को चौंका दिया है। मौसम के रुझान को देखते हुए इस बार गर्मियों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

स्वास्थ्य पर असर की आशंका

हर वर्ष गर्मी के मौसम में निर्जलीकरण और सनस्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी होती है। लोग तपिश से बचने के लिए नारियल पानी और ठंडे पेयों का सहारा ले रहे हैं।

मौसम विभाग के निदेशक सी.एस. पाटील ने बताया कि उत्तर आंतरिक कर्नाटक में फिलहाल गर्मी की तीव्रता बढ़ रही है और 1 मार्च से तापमान में और वृद्धि संभव है। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण यह स्थिति बनी है।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र वनकी ने सलाह दी है कि गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पर्याप्त पानी, शरबत और नारियल पानी का सेवन करें। तेज धूप में बच्चों को बाहर खेलने न भेजें और हल्के सूती वस्त्र पहनाएं।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *