मंत्री सतीश जारकीहोली ने किया स्पष्ट
आंतरिक आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
दावणगेरे. लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा है कि आंतरिक आरक्षण का मुद्दा फिलहाल न्यायालय में लंबित है, इसलिए राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस विषय को स्थायी समाधान के लिए संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
हरिहर तालुक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि न्यायालय की रोक के कारण सरकार का हस्तक्षेप सीमित है। ऐसे में यदि केंद्र सरकार आंतरिक आरक्षण को 9वीं अनुसूची में सम्मिलित करती है तो वर्तमान कानूनी जटिलताओं का समाधान संभव होगा।
42 हजार भर्तियां लंबित
मंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 42 हजार पदों पर भर्ती अधिसूचनाएं लंबित हैं। हर वर्ष हजारों पद रिक्त हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनिश्चित स्थिति में भर्तियां रोकने के बजाय सरकार ने पुरानी प्रणाली के तहत नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखने का निर्णय लिया है, ताकि प्रशासन सुचारु रूप से चलता रहे।
गारंटी योजनाओं पर सफाई
गारंटी योजनाओं के वित्तीय बोझ को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए जारकीहोली ने कहा कि 60 हजार करोड़ रुपए का व्यय निश्चित रूप से बड़ा है, लेकिन इससे विकास कार्य बाधित नहीं होंगे। सरकार संतुलन बनाए रखते हुए योजनाओं और विकास दोनों को आगे बढ़ा रही है।
कानून-व्यवस्था पर विपक्ष को जवाब
राज्य में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर भाजपा नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में है। लोगों को गुमराह करने के लिए इस प्रकार के बयान दिए जा रहे हैं, जबकि राज्य में सभी नागरिक सुरक्षित हैं।
मंत्री ने ठेकेदारों के लंबित भुगतानों के संबंध में कहा कि बकाया राशि जारी करने के लिए ईमानदार प्रयास किए जाएंगे।

