असंतोष शांत करने की कोशिश
दक्षिण उपचुनाव में बगावत के संकेत
अल्पसंख्यक नेताओं को मनाने में जुटा संगठन
दावणगेरे. दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। टिकट वितरण को लेकर नाराज अल्पसंख्यक नेताओं को मनाने के लिए पार्टी अब सक्रिय प्रयास कर रही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष एच.बी. मंजप्पा ने कहा कि राज्य स्तर पर पार्टी नेतृत्व पहले ही मुस्लिम समुदाय के नेताओं से संवाद कर चुका है। अब स्थानीय स्तर पर भी उनके घर-घर जाकर उन्हें विश्वास में लेने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी समुदायों को साथ लेकर चुनाव लड़ा जाएगा।
भव्य नामांकन रैली की तैयारी
कांग्रेस उम्मीदवार समर्थ शामनूर 23 मार्च को नामांकन दाखिल करेंगे। इससे पहले वे दुर्गाम्बिका मंदिर में पूजा, शिवाजी प्रतिमा पर माल्यार्पण और हजरत शावली दरगाह में प्रार्थना करेंगे। इसके बाद शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य रैली निकाली जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। करीब 25 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद जताई गई है।
बगावत से बढ़ी चिंता
दूसरी ओर, टिकट नहीं मिलने से नाराज वरिष्ठ मुस्लिम नेता सादिक पहलवान ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। उन्होंने कांग्रेस पर “आखिरी समय में धोखा देने” का आरोप लगाते हुए कहा कि वे मैदान से पीछे नहीं हटेंगे।
अल्पसंख्यक समुदाय के अन्य नेताओं ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय से पार्टी का समर्थन करने के बावजूद उन्हें टिकट से वंचित किया गया।
आलाकमान का संतुलन साधने का प्रयास
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने अल्पसंख्यक नेताओं को भविष्य में विधान परिषद, राज्यसभा, निगम-मंडलों और मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने का आश्वासन देकर स्थिति संभालने की कोशिश की है।
दावणगेरे दक्षिण में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या निर्णायक मानी जा रही है। ऐसे में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाराज नेताओं को मनाकर एकजुटता बनाए रखने की है।

