महिला-पुरुष समानता से ही संभव सशक्त समाज : प्रो. विजया कोरिशेट्टीअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अक्कमहादेवी महिला विश्वविद्यालय में आयोजित मैराथन में भाग लेतीं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विजया कोरिशेट्टी।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अक्कमहादेवी महिला विश्वविद्यालय में मैराथन का आयोजन

विजयपुर. शहर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अक्कमहादेवी महिला विश्वविद्यालय, शारीरिक शिक्षा अध्ययन एवं खेल विज्ञान विभाग तथा खेल निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘महिला सांस्कृतिक उत्सव-2026’ के तहत शनिवार सुबह मैराथन का आयोजन किया गया था। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विजया कोरिशेट्टी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. विजया कोरिशेट्टी ने कहा कि समाज रूपी रथ के दो पहिए महिला और पुरुष हैं। इनमें से किसी एक की प्रगति रुकने पर समाज और देश का समुचित विकास संभव नहीं है। इसलिए महिलाओं को समान अधिकार, न्याय और अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है। महिलाएं केवल सौंदर्य की प्रतीक नहीं, बल्कि शक्ति और सामथ्र्य की भी प्रतिमूर्ति हैं। यदि उन्हें उचित अवसर मिले तो वे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।

कुलसचिव शंकरगौड़ा सोमनाल ने कहा कि महिला अबला नहीं बल्कि सबला है। उन्हें आगे बढ़ाने के लिए परिवार और समाज का प्रोत्साहन जरूरी है। महिला सशक्तिकरण और विकास एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं अपनी प्रगति सुनिश्चित कर सकती हैं।

सिंडिकेट सदस्य डॉ. शिवयोगेप्पा मड्याल ने कहा कि महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए ऐसे मैराथन कार्यक्रम आवश्यक हैं।
मूल्यांकन कुलसचिव बी.एल. लक्कन्नवर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में पुरुषों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है और समाज में सकारात्मक मानसिक बदलाव के बिना यह लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारी, प्राध्यापक, शोधार्थी तथा स्नातकोत्तर छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।

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By Bharat Ki Awaz

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