राज्य के विभिन्न आवासीय विद्यालयों में तीन साल में कुल 122 विद्यार्थियों की मौतशशिधर कोसंबे

दर्ज नहीं हुए 70 मामले

हुब्बल्ली. पिछले तीन साल में राज्य के विभिन्न आवासीय विद्यालयों में विभिन्न कारणों से कुल 122 विद्यार्थियों की मौत हो चुकी है। इस संबंध में विभिन्न पुलिस थानों में मात्र 52 मामले दर्ज हुए हैं, 70 मामले दर्ज नहीं हुए हैं।

दर्ज मामलों की जांच जारी है परन्तु अपंजीकृत मामलों में विद्यार्थियों की मौत के कारणों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अनुसार दुर्घटनाओं, आत्महत्या और बीमारी के कारण बच्चों की मौत हुई है। अनिवार्य कारणों से आवासीय विद्यालयों से घर आए 100 विद्यार्थियों की 2022 से 2024 के बीच मौत हो गई। आवासीय विद्यालयों में 22 बच्चों की मौत हुई है।

बीमारी के कारण 73 बच्चों की मौत

पारिवारिक कारणों और मानसिक समस्याओं के कारण आत्महत्या करने वाले बच्चों की संख्या 12 है परन्तु दर्ज मामलों की संख्या 10 है। अचानक दुर्घटना और सडक़ दुर्घटनाओं में 37 बच्चों की मौत हुई है, जिनमें से केवल 32 मामले दर्ज किए गए हैं। बीमारी के कारण 73 बच्चों की मौत हुई है, जिनमें से केवल 8 मामले दर्ज किए गए हैं।

कुल 843 आवासीय विद्यालय

राज्य आवासीय शैक्षणिक संस्थान संघ के तहत मोरारजी, कित्तूर रानी चन्नम्मा, अटल बिहार वाजपेयी, इंदिरा गांधी, नारायण गुरु, डॉ. बी.आर. अंबेडकर बालिका आवासीय विद्यालय जैसे कुल 843 आवासीय विद्यालय हैं।

पुलिस थाने में मामला दर्ज कराएं

बाल अधिकार आयोग के सदस्य शशिधर कोसंबे ने कहा कि आवासीय विद्यालय का उद्देश्य गरीब पृष्ठभूमि के बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करना है। बुनियादी सुविधाओं की कमी बच्चों की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। वहां के शिक्षकों और संबंधितों को बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य और मानसिक समस्याओं के बारे में सतर्क रहना चाहिए। हर बच्चे को जीना चाहिए। अगर कोई बच्चा मरता है, तो पुलिस थाने में मामला दर्ज कराना चाहिए।

कुछ समस्याएं उत्पन्न हुई हैं

आवासीय विद्यालयों में भोजन और आवास की समस्याएं हैं। सीसीटीवी कैमरा की सुविधा न होने के कारण कुछ समस्याएं उत्पन्न हुई हैं।
शशिधर कोसंबे, सदस्य, बाल अधिकार आयोग

जांच की जाएगी

बच्चों की मौत के संबंध में थाने में मामले दर्ज हैं। अपंजीकृत मामलों की जानकारी प्राप्त कर जांच की जाएगी।
कांतराज, कार्यकारी निदेशक, आवासीय शिक्षण संस्थान संघ

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By Bharat Ki Awaz

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