भक्ति, परंपरा और उत्साह का संगम
भव्य शोभायात्रा, लोकनृत्य और पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का समापन
होसपेट. हनुमान मित्र मंडल एवं गणगौर सखी मंडल के तत्वावधान में गणगौर महोत्सव का समापन अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ हुआ। सनातन धर्म की महिलाओं ने विधि-विधान से माता गणगौर की पूजा-अर्चना कर गाजे-बाजे के साथ तुंगभद्रा नदी के रेलवे स्टेशन रोड स्थित केनाल में प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत नथमल गौड़ के निवास ‘दुर्गा सदन’ से पूजा-अर्चना एवं अल्पाहार के साथ हुई। इसके बाद गणगौर प्रतिमाओं के साथ भव्य रथ यात्रा निकाली गई, जो ऐमजे नगर और कॉलेज रोड से होते हुए केनाल तक पहुंची। शोभायात्रा में भक्ति गीतों, राजस्थानी लोकनृत्य और घूमर की मनमोहक प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
इस दौरान सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की, वहीं युवतियों ने योग्य वर की कामना की। 16 दिनों तक विभिन्न घरों में पूजा और मंगल गीतों के आयोजन ने आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम की सफलता में मंडल अध्यक्ष कमल जैन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों का योगदान रहा। शोभायात्रा के स्वागत में जगह-जगह शीतल पेय, आइसक्रीम और विविध व्यंजनों की व्यवस्था की गई, जिससे अतिथियों का गर्मजोशी से सत्कार हुआ।
समापन अवसर पर होटल हम्पी इंटरनेशनल के डायरेक्टर शेर सिंह द्वारा भव्य स्वागत किया गया, वहीं महिला मंडल की अध्यक्ष मधु जैन ने प्रसादी भोजन की सुंदर व्यवस्था की। अंत में हनुमान मित्र मंडल द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ आयोजित कर देश में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई।

