आदिनाथ भगवान जन्म एवं दीक्षा कल्याणक पर जैन समाज ने किया श्रद्धाभाव से आयोजन
विजयपुर. श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आदिनाथ भगवान के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक दिवस के साथ रत्न संघ के अष्टम पट्टधर आचार्य हीराचंद्र का 88वां जन्मदिवस सामूहिक सामायिक और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक सामायिक कर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त की। कार्यक्रम की शुरुआत नवकार महामंत्र, भक्तांबर पाठ, हीरा चालीसा और स्तवन से हुई।
इस मौके पर वीर पिता अशोक लुंकड़ ने आचार्य हीराचंद्र के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे रत्न संघ के अष्टम पट्टधर हैं। उनका जन्म राजस्थान के जोधपुर जिले के पीपाड़ शहर में मोतीलाल गांधी और मोहनी देवी के घर हुआ था। उनकी दीक्षा भी आचार्य हस्तीमल के सान्निध्य में पीपाड़ में ही हुई। आचार्य हीराचंद्र एक महान संत हैं और समाज में व्यसन मुक्ति के प्रबल प्रेरक के रूप में उनकी विशेष पहचान है।
उन्होंने कहा कि त्याग, तपस्या और सामूहिक सामायिक के साथ उनका जन्मदिवस मनाया जाना समाज के लिए प्रेरणादायक और सार्थक है।
कार्यक्रम में श्रीसंघ के सचिव नितिन रूणवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर सहसचिव नीरज बोथरा, राजेश रूणवाल, दीपक रूणवाल, दिनेश कातरेला सहित नवयुवक मंडल और महिला मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
