हुब्बल्ली. धारवाड़ में चल रहे कृषि मेले के पशु प्रदर्शनी खंड में इस बार सैकड़ों किस्मों के पशु-पक्षियों ने लोगों का ध्यान खींचा। यॉर्कशायर और बर्कशायर नस्ल के सूअर, खडक़नाथ, कावेरी और सोनाली नस्ल की मुर्गियां, खीलारी बैलों की जोडिय़ां, गाय, भैंस, बकरियां, भेड़ और विभिन्न किस्मों के पालतू पक्षी प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बने।
गाय और भैंस की विशेष नस्लें
गायों में गीर, थारपारकर, देवणी, जर्सी मिश्रित, एचएफ-देवणी आदि नस्लें शामिल रहीं। भैंसों में धारवाड़ी, मुर्रा और जाफराबादी नस्लें प्रदर्शित की गईं।
खडक़नाथ की लोकप्रियता
मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध खडक़नाथ नस्ल की काली चमड़ी और काले मांस वाली मुर्गियों की मांग सबसे अधिक रही। बेलगावी जिले के संतोष कोजलगी ने बताया कि बाजार में इसकी काफी मांग है और चूजे यहां उपलब्ध कराए जाते हैं।
सूअर और बकरियां
पशुपालन और पशुवैद्यकीय सेवा विभाग की ओर से धारवाड़ तालुक के तेगूर केंद्र से सुधारी गई यॉर्कशायर और बर्कशायर नस्ल के सूअर लाए गए थे। नर सूअर का वजन 300 से 350 किलो और मादा का 250 से 300 किलो तक होता है।
बकरियों में टेंगुरी नस्ल और यूएएस मिश्रित बण्णूर नस्ल प्रदर्शित की गई। रायचूर, कलबुर्गी और कोप्पल से आए किसान इन नस्लों की जानकारी लेने पहुंचे। पास ही सफेद रंग का घोड़ा लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा, जिससे कई दर्शकों ने सेल्फी भी ली।
मत्स्य प्रदर्शनी
मत्स्य विभाग की ओर से कटला, रोहु, मृगाल, सामान्य गेंडे, सिल्वर गेंडे, घास गेंडे और विदेशी प्रजातियां प्रदर्शित की गईं। इनमें एशियन सिल्वर अरोवाना और जेब्रा मछलियां सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बनीं। चौकोर और गोलाकार कांच के पात्रों में रखी गई सजावटी मछलियों ने बच्चों और युवाओं का विशेष ध्यान खींचा।
आयोजन की सराहना
कोप्पल के किसान रमेश मेलिनमनी ने कहा कि इस बार कृषि मेले की पशु प्रदर्शनी बहुत ही व्यवस्थित ढंग से आयोजित की गई है। मुर्गी और भेड़ पालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल रही है।

