47 हजार टन एलपीजी सहित कई टैंकर पहुंचे
चार और जहाज आने वाले
मेंगलूरु. नव मेंगलूरु बंदरगाह प्राधिकरण (एनएमपी) पर रविवार को द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और कच्चे तेल से लदे जहाजों की आवाजाही तेज हो गई है। सिंगापुर ध्वज वाला ‘पाइक्सिस पायोनियर’ जहाज 47,236 टन एलपीजी लेकर यहां पहुंचा है।
यह जहाज अमरीका के टेक्सास स्थित नेदरलैंड बंदरगाह से 14 फरवरी को रवाना हुआ था। इसमें से 16,714 टन एलपी को एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के लिए उतारा जा रहा है। जहाज की लंबाई 229.9 मीटर और चौड़ाई 37.24 मीटर है, और इसके सोमवार सुबह तक रवाना होने की संभावना है।
इस बीच, ‘एक्वा टाइटन’ नामक जहाज रूस से 96,099.80 टन कच्चा तेल लेकर शनिवार रात मेंगलूरु पहुंचा। यह तेल मेंगलूरु रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) को उतारा गया है। यह जहाज बाल्टिक बंदरगाह से रवाना होकर चीन के रिजाओ होते हुए यहां पहुंचा।
चार और जहाज रास्ते में
इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम के लिए 26,687 टन एलपीजी लेकर ‘अपोलो ओशन’ जहाज 25 मार्च को पहुंचने की संभावना है, जिसकी कुल क्षमता 46,025 टन है।
इसके अलावा, ‘ओएसिस’ जहाज 23 मार्च को 99,900 टन कच्चा तेल लेकर एमआरपीएल पहुंचेगा। वहीं 24 मार्च को ‘बौर्बन’ और ‘क्यू ची’ नामक दो अन्य जहाज भी बंदरगाह पहुंचेंगे, जिनमें क्रमश: 20,000 टन और 35,000 टन तेल लदा हुआ है।
बंदरगाह पर लगातार जहाजों की आवाजाही से ऊर्जा आपूर्ति और औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

