हरियाली के माध्यम से बाल विवाह निषेध और पॉक्सो कानून की जागरूकताशिवमोग्गा तालुक के अंबलगेरे ग्राम पंचायत की ओर से आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेतीं ग्राम पंचायत की अध्यक्ष भाग्या होसट्टी।

अंबलगेरे ग्राम पंचायत का अनोखा उपक्रम

शिवमोग्गा. बाल विवाह निषेध कानून, पॉक्सो कानून की जागरूकता फैलाने और देश की स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए वीरों को स्मरण करने के उद्देश्य से शिवमोग्गा तालुक के अंबलगेरे ग्राम पंचायत प्रशासन ने वृक्षारोपण का अनूठा कार्यक्रम शुरू किया है।

79वें स्वतंत्रता दिवस तथा बालक और महिला दिवस के उपलक्ष्य में बीते कुछ दिनों से पंचायत की ओर से विभिन्न स्थानों पर हरियाली कार्यक्रम चलाया जा रहा है। 22 अगस्त को बसवनगंगूर गांव के कर्नाटक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के उद्यान में वृक्षारोपण किया गया।

ग्राम पंचायत की अध्यक्ष भाग्या होसट्टी ने पौधा लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम पंचायत संघ, महिला स्वयं सहायता समूह और ग्राम पंचायत प्रशासन के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत पीडीओ राजप्पा ने कहा कि कुल 500 पौधे लगाए जा रहे हैं। बाल विवाह निषेध कानून और पॉक्सो कानून के प्रति जागरूकता पैदा करने तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को याद करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

लेखा परीक्षक और वकील मंजुनाथ ने कहा कि हरियाली के माध्यम से लोगों को महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में जानकारी देना और स्वतंत्रता संग्राम के महत्व से अवगत कराना अंबलगेरे ग्राम पंचायत का सराहनीय कदम है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों को इस तरह के कार्यक्रम अपनाने चाहिए।

कार्यक्रम में अंबलगेरे ग्राम पंचायत के कर्मचारी संदीप, केएचबी प्रेस कॉलोनी निवासियों के कल्याण संघ के मानद अध्यक्ष जी.एम. रामचंद्र, अध्यक्ष एवं पत्रकार बी. रणुकेश, और प्रमुख सदस्य कुशकुमार, गुरूचरण, गोपाल पुजारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *