धारवाड़ में जिला स्तरीय बैंकर्स समीक्षा बैठक
लंबित ऋण आवेदनों का मार्च अंत तक निपटारा करने के निर्देश
हुब्बल्ली. जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा जिला स्तरीय बैंकर्स समिति के अध्यक्ष भुवनेश देविदास पाटिल ने कहा कि धारवाड़ जिले के सभी सरकारी, निजी और सरकारी स्वामित्व वाले बैंक अपने कामकाज में सरकारी नियमों का पालन करते हुए जनस्नेही ढंग से कार्य करें। विशेषकर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा या असहयोग नहीं होना चाहिए। यदि ऐसी शिकायतें सामने आती हैं तो जिला समिति उन्हें गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा करेगी।
वे मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित जिला स्तरीय प्रगति समीक्षा समिति (डीएलआरसी) और जिला परामर्श समिति (डीसीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिले में उद्योगों के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए और ऋण वसूली में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि बैंक शाखाएं ग्राहकों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दें तथा आरबीआई ओम्बुड्समैन और बैंक शिकायत निवारण समितियों से संबंधित पोस्टर और सूचना पट्ट भी प्रदर्शित करें। दिसंबर 2025 तक जिले में प्राथमिकता क्षेत्र ऋण लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है, हालांकि कुंदगोल तालुक में 432.24 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 416.23 करोड़ रुपए ही वितरित हो सके हैं। उन्होंने संबंधित बैंकों को मार्च अंत तक लक्ष्य पूरा करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
बैठक में विभिन्न निगमों की अनुदानित ऋण योजनाओं के लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि पीएम विश्वकर्मा योजना के 408, कर्नाटक अल्पसंख्यक विकास निगम के 55 सहित कई आवेदनों पर अभी मंजूरी बाकी है। अधिकारियों ने बैंकों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का निपटारा मार्च अंत तक करना चाहिए।
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक अरुण कुमार ने आरबीआई ओम्बुड्समैन शिकायत निवारण प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि बैंक स्तर पर 30 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो ग्राहक आरबीआई की ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इस अवसर पर लीड बैंक प्रबंधक बसवराज गडदवर ने कहा कि धारवाड़ जिले में प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत कुल 11,587.68 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया है। बैठक में विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।

