अतिरिक्त एसपी अनिल कुमार भूमरेड्डी ने दी चेतावनी
डिजिटल तकनीक से अपराध पकडऩा आसान, लेकिन खतरे भी बढ़े
मेंगलुरु. जिला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार भूमरेड्डी ने कहा कि तेजी से विकसित होती डिजिटल तकनीक ने जहां दुनिया को करीब लाया है, वहीं अपराध के नए रास्ते भी खोल दिए हैं। डिजिटल तकनीक अपराधों के खुलासे में जितनी प्रभावी है, उतनी ही तेजी से अपराध बढऩे का कारण भी बन रही है, इसलिए लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
वे स्कूल ऑफ सोशल वक्र्स रोशनी निलय, आईक्यूएसी इकाई और अपराध विज्ञान एवं विधि विज्ञान स्नातकोत्तर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘क्रिफो 2के26 – फॉरेंसिक्स फ्यूजन’ सम्मेलन का उद्घाटन कर बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में दुबई की एवीजेड साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस तथा अवेन्जो साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस इंडिया का सहयोग रहा।
उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के इस दौर में अपराध जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई है। जांच से लेकर न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने तक की प्रक्रिया अब ऑनलाइन और समयबद्ध हो गई है, जिससे हस्तक्षेप की संभावना कम हो गई है। हालांकि, पारंपरिक जांच पद्धतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और आधुनिक तकनीक के साथ उनका समन्वय ही सफलता की कुंजी है।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर चेतावनी देते हुए भूमरेड्डी ने चिक्कमगलूरु की एक घटना का उदाहरण दिया, जिसमें एक महिला द्वारा फेसबुक पर गोवा यात्रा की जानकारी साझा करने के बाद चोर ने उसके घर में घुसकर कई दिनों तक रहकर सामान चोरी कर लिया।
कार्यक्रम में सिसिलिया एफ. गोवियस, अब्दुल यासर, अजीत कुमार पारक्काड, कीर्तना लालस सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।

