सांसद गोविंद कारजोल का आरोप – दलितों के साथ विश्वासघात
सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग
विजयपुर. भाजपा सांसद गोविंद कारजोल ने आरक्षण प्रतिशत बढ़ोतरी को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरक्षण सीमा 50 प्रतिशत से अधिक होने के मुद्दे को लेकर कुछ लोग न्यायालय गए हैं और उन्हें कानूनी लड़ाई के लिए राज्य सरकार ने ही प्रोत्साहित किया है। यह दलित समुदाय के साथ विश्वासघात है।
शहर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कारजोल ने कहा कि पूर्व में तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली सरकार ने न्यायाधीश नागमोहन दास की रिपोर्ट के आधार पर आंतरिक आरक्षण लागू किया था परन्तु ‘इंदिरा साहनी’ प्रकरण के निर्णय का हवाला देकर आरक्षण सीमा 50 प्रतिशत से अधिक न होने देने की बात कही जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय में राज्य सरकार ने आरक्षण बढ़ोतरी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट नहीं की, बल्कि 50 प्रतिशत सीमा का ही समर्थन किया।
कारजोल ने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर ने जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण बढ़ाने का संवैधानिक प्रावधान किया है तथा पुणा समझौते के आधार पर भी आरक्षण बढ़ोतरी संभव है।
उन्होंने सरकार से तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाकर समस्या का समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कदम नहीं उठाया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
संवाददाता सम्मेलन में भाजपा जिलाध्यक्ष गुरुलिंगप्पा अंगड़ी सहित अन्य नेता उपस्थित थे।

