मोलकल्मूरु क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-150 पर इंतजार करते सैकड़ों यात्री
केएसआरटीसी बस स्टैंड और डिपो का उद्घाटन भी लंबित
मोलकल्मूरु (चित्रदुर्ग). तालुक से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-150 पर परिवहन निगम की कई बसें सेवा सडक़ (सर्विस रोड) पर नहीं आ रहीं, जिससे यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि बसें सीधे हाईवे से गुजर जाती हैं और सेवा सडक़ पर स्थित बस स्टॉप तक नहीं आतीं।
यह सडक़ जेवरगी-चामराजनगर संपर्क मार्ग का हिस्सा है, जिससे कलबुर्गी, विजयपुर और कल्याण कर्नाटक क्षेत्र से बेंगलूरु और मैसूर जाने वाली बसें गुजरती हैं। यह तालुक की प्रमुख संपर्क सडक़ होने के बावजूद बसों के नहीं रुकने से ग्रामीणों को यात्रा में कठिनाई हो रही है।
हाईवे पर हिरेहल्ली, बी.जी. केरे, हानगल, रायापुर, नागसमुद्र और रामपुर बस स्टॉप हैं। आसपास के गांवों के अधिकांश लोग इन्हीं स्थानों पर आकर बस पकड़ते हैं। हालांकि बल्लारी, चित्रदुर्ग और चल्लकेरे डिपो की बसें सेवा सडक़ तक आती हैं, लेकिन बेंगलूरु, कलबुर्गी, मानवी, सिरुगुप्पा, सिंधनूर, रायचूर और तुमकूर डिपो की कई बसें सेवा सडक़ पर आए बिना सीधे हाईवे से गुजर जाती हैं।
जन संस्थान के विरूपाक्षप्पा ने आरोप लगाया कि कई बार बस में चढऩे की कोशिश करने पर कंडक्टर यह कहकर मना कर देते हैं कि टिकट मशीन में उनके गांव के लिए टिकट जारी करने की सुविधा नहीं है, इसलिए बस वहां नहीं रुक सकती।
रामपुर ग्राम पंचायत के पूर्व सदस्य तिप्पेश ने बताया कि कॉलेज जाने वाले छात्रों की भीड़ का हवाला देकर कई बसें सेवा सडक़ पर नहीं आतीं। कई बार विरोध प्रदर्शन के बाद दो-तीन दिन बसें रुकती हैं, लेकिन बाद में फिर वही स्थिति हो जाती है। डिपो में शिकायत करने और जनप्रतिनिधियों के पत्र लिखने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि “शक्ति योजना” लागू होने के बाद बसों में भीड़ अधिक रहती है, इसलिए बसें सेवा सडक़ तक नहीं लाई जातीं।
मोलकल्मूरु कस्बा हाईवे से करीब पांच किलोमीटर दूर है और हाईवे से गुजरने वाली कोई भी बस शहर के भीतर नहीं आती। इस समस्या को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुए, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। यहां रायापुर के पास केएसआरटीसी बस स्टैंड और डिपो का निर्माण हो चुका है, लेकिन उसका उद्घाटन अब तक नहीं किया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रामपुर, हानगल, बी.जी. केरे और रायापुर के पास रात के समय सैकड़ों यात्री बच्चों और महिलाओं के साथ हाईवे किनारे सामान लेकर बसों का इंतजार करते दिखाई देते हैं। बस रोकने के लिए कई बार उन्हें सडक़ पर उतरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
कुछ निर्माण कार्य अभी बाकी
बस स्टैंड और डिपो में कुछ निर्माण कार्य अभी बाकी हैं। कर्मचारियों की नियुक्ति और फर्नीचर की स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही इसका उद्घाटन करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
–के. वेंकटेश, नियंत्रक, केएसआरटीसी, चित्रदुर्ग मंडल

