92 वाहन मालिकों पर केससांदर्भिक फोटो।

1.98 करोड़ रुपए टैक्स व जुर्माना वसूला

पुडुचेरी में रजिस्ट्रेशन कर बचा रहे थे टैक्स

कर्नाटक में कार्रवाई तेज

नियम तोडऩे पर जब्ती की चेतावनी

कलबुर्गी. कम टैक्स के लालच में पुडुचेरी में वाहन पंजीकरण कराने वाले कर्नाटक के वाहन मालिक अब परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। पिछले एक वर्ष में जिले में ऐसे मामलों में कुल 1.98 करोड़ रुपए टैक्स और जुर्माना वसूला गया है।

टैक्स बचाने का तरीका बना मुसीबत

कर्नाटक में चार पहिया वाहनों पर रोड टैक्स अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण कई लोग अपने वाहन पुडुचेरी में रजिस्टर करा रहे हैं। वहां कम टैक्स दर होने से महंगी कार खरीदते समय लाखों रुपए की बचत होती है। लेकिन अब यही तरीका वाहन मालिकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

92 मामलों में दर्ज हुई कार्रवाई

परिवहन विभाग ने कलबुर्गी जिले में ऐसे 92 वाहन मालिकों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। जांच में सामने आया कि ये वाहन लंबे समय से कर्नाटक में ही उपयोग किए जा रहे थे, जबकि उनका पंजीकरण अन्य राज्य में था। इसके चलते विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए टैक्स और जुर्माना वसूला।

क्या कहता है कानून?

मोटर वाहन नियमों के अनुसार, किसी अन्य राज्य में पंजीकृत वाहन को कर्नाटक में अधिकतम 11-12 महीने तक ही उपयोग किया जा सकता है।
यदि वाहन इससे अधिक समय तक राज्य में चलता है, तो उसे स्थानीय रूप से पुन: पंजीकृत कर टैक्स चुकाना अनिवार्य है।
नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और वाहन जब्त करने का प्रावधान है।

अधिकारियों की सख्ती

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार निगरानी के जरिए ऐसे वाहनों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *