ऐतिहासिक धरोहरों के विकास व तालुक कार्यालयों के लिए अनुदान की मांग तेज
बेलगावी. ऐतिहासिक कित्तूर संस्थान से जुड़े स्थलों के विकास और विभिन्न विभागों के तालुक स्तरीय कार्यालय खोलने की मांग को लेकर चन्नम्मा कित्तूर के लोग इस बार के राज्य बजट से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
तहसीलदार कार्यालय और प्रशासनिक भवन के अलावा अन्य महत्वपूर्ण विभागीय कार्यालय अब तक शुरू नहीं होने से जनाक्रोश बढ़ रहा है। सहायक निदेशक कार्यालय भवन तैयार होने के बावजूद पद सृजन नहीं होने पर नागरिकों ने नाराजगी जताई है। पंचायत राज इंजीनियर, तालुक स्वास्थ्य अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, बागवानी तथा समाज कल्याण विभाग के कार्यालय शीघ्र शुरू करने की मांग की जा रही है।
कित्तूर विकास प्राधिकरण ने राजाओं की समाधि, राजगुरु समाधि, देसनूर वाडे और वन्नूर सहित करीब 30 ऐतिहासिक स्थलों के विकास की योजना बनाई है, परन्तु अनुदान का अभाव आड़े आ रहा है। विधायक बाबासाहेब पाटील ने प्राधिकरण को 50 करोड़ रुपए का विशेष अनुदान देने की मांग की है।
इधर गोकाक को पृथक जिला घोषित करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। प्रसिद्ध गोकाक जलप्रपात और गोडचिनमल्की जलप्रपात पर पर्यटन सुविधाओं के अभाव को दूर करने की आवश्यकता बताई जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना और उत्तर कर्नाटक को बजट में प्राथमिकता देने की अपील की है।
वहीं रायबाग में खेल अधोसंरचना के अभाव पर चिंता जताई गई है। तालुक स्टेडियम के विकास के लिए 35 लाख रुपए लाने का दावा किया गया है, परंतु खिलाडिय़ों ने समुचित मैदान, प्रशिक्षक और सुविधाओं के लिए पृथक बजटीय प्रावधान की मांग की है।

