अलियाबाद के ‘करेज’ को खतरा, प्रशासन सतर्कविद्युत प्रकाश की सहायता से दिखाई देता करेज का आंतरिक स्वरूप।

जेसीबी की चोट से करेज का जल प्रवाह प्रभावित

ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की मांग तेज

निजी कार्य से भूमिगत जल प्रणाली प्रभावित

प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग

बीदर. ऐतिहासिक धरोहर और भूमिगत जल संरचना का अद्भुत उदाहरण माने जाने वाले अलियाबाद करेज क्षेत्र पर संकट मंडराने लगा है। करेज के मुहाने के पास निजी व्यक्तियों की ओर से जेसीबी मशीन से की जा रही खुदाई ने इसकी मूल संरचना और जल प्रवाह को प्रभावित कर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस अनियंत्रित कार्य से करेज के पूरी तरह सूख जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

जानकारी के अनुसार, खुदाई के दौरान भूमिगत जल मार्ग को नुकसान पहुंचा है और एक छोटी पुष्करणी को भी मनमाने ढंग से खोद दिया गया है। करेज की विशेषता यह रही है कि वर्षभर इसमें समान स्तर पर जल प्रवाह बना रहता है, लेकिन हालिया खुदाई के कारण पानी का बहाव असामान्य रूप से तेज हो गया है।

ऐतिहासिक महत्व

करेज का निर्माण 15वीं शताब्दी में बहमनी शासकों के काल में किया गया था। लगभग 3 किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस करेज में हवा और रोशनी की व्यवस्था के लिए 27 खुले कुएं (वेंट्स) बनाए गए थे, जिनमें से अब तक सात वेंट्स की पहचान हो चुकी है। वर्ष 2024 में जिला प्रशासन ने करेज और उसके वेंट्स के चारों ओर 100 मीटर का बफर जोन घोषित कर सीमांकन किया था। इससे पहले 2017 में करेज की गाद निकालकर इसका विकास किया गया था।

विकास योजना अधर में

करेज के दूसरे चरण के विकास के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है और अंतिम स्वीकृति के बाद कार्य आरंभ होना था। लेकिन सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था के अभाव में निजी लोगों ने चुपचाप निर्माण कार्य शुरू कर दिया।

राज्य वन्यजीव मंडल के सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार मालगे ने बताया कि स्थल निरीक्षण में करेज के मुहाने से नहर तक का लिंक क्षतिग्रस्त पाया गया है। करेज केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण भूजल स्रोत है, जिसके संरक्षण के लिए दीर्घकालीन योजना बनाकर तुरंत कदम उठाने चाहिए।

तत्काल कार्य रोकने के दिए निर्देश

करेज क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा कार्य किए जाने की जानकारी मिली है और संबंधित लोगों को तत्काल कार्य रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
शिल्पा शर्मा, जिलाधिकारी, बीदर

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *