युवा विधायक हर आदेश मानने को तैयार
चन्नगिरी विधायक बसवराज का दावा
सत्ता साझेदारी समझौता हो चुका, नहीं हुआ तो स्पष्ट किया जाए
दावणगेरे. कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच चन्नगिरी विधायक शिवगंगा बसवराज ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पक्ष में खुलकर समर्थन जताया है। उन्होंने दावा किया कि शिवकुमार को 139 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और 40 से 50 युवा विधायक उनके हर निर्देश का पालन करने को तैयार हैं।
पत्रकारों से बातचीत में बसवराज ने कहा कि उन्हें प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्ता साझा करने को लेकर पहले ही समझौता हो चुका है। यदि ऐसा नहीं है तो पार्टी नेतृत्व को इस पर स्पष्टता लानी चाहिए। यदि समझौता नहीं हुआ है और इसे साफ कर दिया जाए, तो विधायक इस मुद्दे पर कोई प्रश्न नहीं उठाएंगे।
नाराजगी और संकल्प
मुख्यमंत्री परिवर्तन को लेकर अपनी टिप्पणी को महत्व न दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए बसवराज ने कहा कि वे स्वयं एक निर्वाचित विधायक हैं और उनका भी एक मत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यतींद्र सिद्धरामय्या विधायक नहीं हैं, फिर भी उनके बयानों को महत्व क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे भी संकल्प ले रहे हैं कि डी.के. शिवकुमार मुख्यमंत्री बनें।
‘मुख्यमंत्री का पुत्र होने से छूट नहीं’
बसवराज ने यतींद्र सिद्धरामय्या पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे बार-बार मीडिया के सामने आकर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि उपमुख्यमंत्री के कथन के अनुसार यतींद्र ही आलाकमान हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का वास्तविक आलाकमान मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी हैं, जो अत्यंत सशक्त हैं और समय आने पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पुत्र होने के कारण किसी को भी छूट नहीं मिलेगी। पूर्व में आलाकमान के खिलाफ बयान देने वाले मंत्रियों को पद से हटाया जा चुका है।
नोटिस पर प्रतिक्रिया
अपने खिलाफ जारी नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए बसवराज ने कहा कि वे इसका स्वागत करते हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि पार्टी नेतृत्व हर विषय पर गंभीरता से विचार करेगा।

