बागलकोट में शिवाजी जयंती शोभायात्रा पर विवाद
अल्पसंख्यक आयोग को ज्ञापन
बागलकोट. शहर में हाल ही में निकली छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती शोभायात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक मुस्लिम यूनिटी ने मंगलवार को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य को ज्ञापन सौंपकर हिंदू संगठनों के आयोजकों तथा देर रात डीजे और जुलूस की अनुमति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शोभायात्रा पंखा मस्जिद के निकट लंबे समय तक तेज आवाज वाले डीजे के साथ रुकी रही और ऐसे गीत बजाए गए, जिनसे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं भडक़ सकती थीं। संगठन का कहना है कि उस समय रमजान की विशेष (तरावीह) नमाज अदा की जा रही थी, जिससे इबादत में बाधा उत्पन्न हुई।
संगठन ने सवाल उठाया कि रात 10 बजे के बाद जुलूस की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मस्जिद क्षेत्र में पूर्व में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद पुलिस और खुफिया विभाग ने पर्याप्त एहतियाती इंतजाम क्यों नहीं किए।
ज्ञापन में दावा किया गया है कि हजारों हिंदू कार्यकर्ताओं की भागीदारी की सूचना होने के बावजूद मस्जिद के पास पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया। साथ ही, रमजान के कारण बड़ी संख्या में नमाजियों के एकत्र होने की जानकारी प्रशासन को क्यों नहीं थी।
मस्जिद परिसर से चप्पल फेंके जाने का एक वीडियो भी प्रसारित होने का उल्लेख करते हुए संगठन ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है, लेकिन रमजान की नमाज के लिए आए युवकों की गिरफ्तारी को अनुचित बताते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की है।
जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल को पत्थर लगने की घटना तथा सब्जी मंडी में मुस्लिम समुदाय के ठेले को आग लगाने की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।
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बागलकोट पथराव प्रकरण: अल्पसंख्यक आयोग ने ली जानकारी
शिवाजी जयंती शोभायात्रा के दौरान हुई घटना पर जिला प्रशासन व पुलिस से की चर्चा
बागलकोट. शहर में शिवाजी जयंती शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव की घटना को लेकर कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग के सदस्य अब्दुस सलाम पुत्तिगे और परिमला जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय में जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने घटना की पूरी पृष्ठभूमि, अब तक की जांच प्रगति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और दोषियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी संगप्पा ने कहा कि शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
आयोग के सदस्यों ने निष्पक्ष जांच और साम्प्रदायिक सद्भाव कायम रखने पर जोर दिया।

