विश्व शांति के लिए 23 मार्च को सामूहिक जाप का आयोजन
दावणगेरे. श्री ांखेश्वर पाश्र्व राजेंद्र गुरुमंदिर संघ, काईपेट में विराजित साध्वी भव्यगुणा ने नवकार महामंत्र की महिमा बताते हुए कहा कि इसमें अनंत शक्ति निहित है। इसे “मंत्राधिराज” अर्थात मंत्रों का भी मंत्र कहा जाता है, जिसका प्रभाव एकेंद्रिय से लेकर पंचेंद्रिय तक सभी जीवों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जैन धर्म का यह 68 अक्षरों वाला शाश्वत मंत्र अटूट श्रद्धा से जपने पर मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है। यह मंत्र किसी का अहित नहीं करता, बल्कि आत्मा की शुद्धि कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।
साध्वी शीतलगुणा ने कहा कि नवकार मंत्र का नियमित जाप तनाव को कम करता है, रक्तचाप नियंत्रित रखने में सहायक होता है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ाता है। श्रद्धापूर्वक स्मरण करने से भय, संकट और परेशानियां दूर होती हैं, वहीं यह आत्मा को पवित्र कर अहिंसा व विनम्रता जैसे गुणों का विकास करता है।
उन्होंने कहा कि यह मंत्र नि:स्वार्थ आराधना का प्रतीक है, जिसे किसी विशेष फल की इच्छा से नहीं, बल्कि कर्मों की शुद्धि के लिए किया जाता है। इसके 68 अक्षर आत्मकल्याण और समस्त कार्यों की सिद्धि के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
संघ के अध्यक्ष पुनमचंद सोलंकी ने बताया कि साध्वीवृंद के सानिध्य में विश्व शांति, आत्मबल और जीवन की सुरक्षा के लिए 23 मार्च, सोमवार को प्रात: सामूहिक नवकार महामंत्र जाप का आयोजन किया गया है। इसमें अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से भाग लेने की अपील की गई है।

