बस के डैशकैम फुटेज से खुला राज
40 लाख रुपए की सुपारी, 10 लाख रुपए अग्रिम देने का खुलासा
हुब्बल्ली. धारवाड़ के सवदत्ती रोड पर 26 फरवरी को हुए कथित सडक़ हादसे में महिला की मौत का मामला सनसनीखेज मोड़ ले चुका है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। मृतका ललिता हातरकी की हत्या के आरोप में उसके पति सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक गुंजन आर्य ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए पांच विशेष टीमें गठित की गई थीं। केएसआरटीसी बस के डैशबोर्ड कैमरे और सवदत्ती रोड पर लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद आरोपियों तक पहुंचा गया।
पुलिस के अनुसार, ललिता को बिना नंबर प्लेट की जीप से टक्कर मारकर हत्या की गई। जांच में सामने आया है कि 40 लाख रुपए में सुपारी तय हुई थी, जिसमें से 10 लाख रुपए अग्रिम दिए गए थे। करीब डेढ़ महीने पहले साजिश रची गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों में नरेंद्र गांव निवासी उदयकुमार हातरकी (पति), गरग गांव का नागप्पा, दोडवाड का नागराज उप्पिन और बेलगावी जिले के कित्तूर तालुक के निच्चनकी गांव का अभिषेक वरगन्नवर शामिल हैं। हत्या में प्रयुक्त वाहन, चार मोबाइल फोन और 20 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। वाहन नागराज के नाम पर पंजीकृत बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के दिन उदयकुमार ने ललिता को फोन कर अमीनबावी स्थित दुर्गादेवी मंदिर के पास बुलाया था। जब वह सडक़ किनारे पैदल चल रही थीं, तभी पीछे से वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी वारदात के बाद वाहन सहित फरार हो गए थे।
एसपी ने कहा कि ललिता उदयकुमार की पहली पत्नी थीं। करीब 15 वर्ष पूर्व दंपती अलग हो गए थे और उदयकुमार ने दूसरी शादी कर ली थी। संपत्ति विवाद को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। कोर्ट में चल रहे मामले में ललिता ने जीवन-निर्वाह के लिए जमीन की मांग की थी, जिसे लेकर विवाद गहराया हुआ था।
ललिता के पिता निंगप्पा की शिकायत के बाद ग्रामीण थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।

