जिला स्तरीय श्वान प्रदर्शनी 22 कोधारवाड़ में जिला स्तरीय श्वानों की प्रदर्शनी और पेट फैशन शो के पोस्टर का विमोचन करते हुए जिला पंचायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी भुवनेश पाटील।

सडक़ के श्वानों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार पालतू पालन को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य

हुब्बल्ली. जिला पंचायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी भुवनेश पाटील ने कहा कि सडक़ के श्वानों के नियंत्रण और देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 22 फरवरी 2026 को धारवाड़ के कर्नाटक कॉलेज (केसीडी) परिसर में जिला स्तरीय श्वानों की प्रदर्शनी, पेट फैशन शो और गोद लेने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

जिला पंचायत सभाभवन में आयोजित पूर्व तैयारी बैठक में जानकारी देते हुए पाटील ने कहा कि कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन, जिला पंचायत, हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम, कर्नाटक पशु चिकित्सा संघ (जिला इकाई), एचएसए और अन्य एनजीओ के सहयोग से किया जाएगा।
भुवनेश पाटील ने सभी श्वानों के मालिकों और श्वान रखने में रुचि रखने वाले नागरिकों से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। विभिन्न नस्लों के श्वानों की जिला स्तरीय प्रदर्शनी होगी। लिंग और नस्ल के आधार पर वर्गीकरण कर सर्वश्रेष्ठ श्वानों को पुरस्कार दिया जाएगा। इच्छुक श्वान मालिक 20 फरवरी शाम 5 बजे तक पंजीकरण करवा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सडक़ के श्वानों को गोद लेने वालों को रैबीज और अन्य बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण, कीटाणुनाशक दवाइयां और पालन-संबंधी जानकारी दी जाएगी। गोद लिए गए श्वानों के लिए एक वर्ष के भीतर न्यूनतम लागत पर नसबंदी सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

भुवनेश पाटील ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनता में जिम्मेदार पालतू पालन और सडक़ श्वानों के प्रति सहानुभूति पैदा करना है। हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग भाग लें और इन जानवरों को सुरक्षित घर दें।

बैठक में पशु चिकित्सा सेवा विभाग के उपनिदेशक डॉ. एस.वी. संति, मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. रमेश हेब्बल्ली, डॉ. बी.पी. हिरेमठ, डॉ. लिंगराज पी.एस., तथा जानवरों के लिए मानवीय दुनिया के प्रतिनिधि रमेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *