शबरीमला सोना चोरी मामला
4.5 किलो सोना गायब होने के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज
बल्लारी. केरल स्थित शबरीमला अय्यप्पा स्वामी मंदिर में हुए 4.5 किलोग्राम सोना चोरी कांड ने जांच एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार तडक़े बेंगलूरु, बल्लारी और तिरुवनंतपुरम सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई सोने के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की आशंका के आधार पर की गई है।
बल्लारी में रोद्दम ज्वेलरी शॉप पर छापा
ईडी अधिकारियों ने बल्लारी की रोद्दम ज्वेलरी शॉप और इसके मालिक गोवर्धन के आवास पर छापेमारी की। सीआरपीएफ की सुरक्षा में करीब आठ अधिकारियों की टीम ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दस्तावेज, बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई। जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।
पहले एसआईटी ने की थी कार्रवाई
इससे पूर्व, केरल की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने भी इस मामले में कार्रवाई की थी। रोद्दम ज्वेलरी शॉप के मालिक गोवर्धन को एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ कि गोवर्धन, शबरीमला मंदिर के पुजारी उन्नीकृष्णन के करीबी बताए जाते हैं।
मंदिर के कलश से गायब हुआ सोना
गौर तलब है कि शबरीमला अय्यप्पा स्वामी मंदिर के द्वार पर लगाए गए सोने की परत चढ़े कलश (कुशरी कलश) का निर्माण बल्लारी की रोद्दम ज्वेलरी शॉप के माध्यम से किया गया था। इसी कलश से लगभग 4.5 किलोग्राम सोना गायब होने का मामला सामने आया, जिसने पूरे प्रकरण को गंभीर बना दिया।
जांच में और खुलासों की संभावना
ईडी अब बैंक खातों, सोने की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और मंदिर से संबंधित वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस मामले में कई और लोगों की संलिप्तता हो सकती है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं तथा कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
देश के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक शबरीमला मंदिर से जुड़े इस सोना चोरी कांड ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। श्रद्धालुओं और आमजन में इस घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है।

