प्राचीन अवशेषों के साथ हरे पत्थर की पहली खोज
गदग. लक्कुंडी गांव स्थित कोटे वीरभद्रेश्वर मंदिर परिसर में जारी उत्खनन कार्य आठवें दिन नए ऐतिहासिक संकेत लेकर आया। शुक्रवार को खुदाई के दौरान हड्डियों के टुकड़े, लोहे का एक टुकड़ा और पहली बार हरे रंग का छोटा पत्थर बरामद हुआ। यह उत्खनन राज्य पुरातत्व विभाग, जिला प्रशासन और लक्कुंडी विरासत क्षेत्र विकास प्राधिकरण के नेतृत्व में किया जा रहा है।
अब तक मिले अवशेष
अब तक उत्खनन से प्राचीन हड्डियां, कौडिय़ां, टूटे मृद्भांडों (मिट्टी के बर्तनों) के टुकड़े, नागशिला, शिवलिंग का पाणिपीठ, जैन प्रतिमा युक्त पत्थर और टेराकोटा की गोलियां सहित कई ऐतिहासिक वस्तुएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये खोजें लक्कुंडी के समृद्ध अतीत पर नई रोशनी डालेंगी।
मजदूरी विवाद पर हंगामा
उत्खनन स्थल पर शुक्रवार को मजदूरी बढ़ाने और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सहायता श्रमिक संघ ने विरोध प्रदर्शन किया। संघ के राज्य अध्यक्ष अश्वत्थ मरिगौडर अपनी टीम के साथ पहुंचे और काम रुकवाने की कोशिश की, जिस पर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया।
ग्रामीणों ने कहा कि लक्कुंडी के इतिहास को दुनिया के सामने लाने का काम चल रहा है, इसे बाधित करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं होगा।
जिला अधिकारी के आदेश पर स्थल को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया और पुलिस ने अश्वत्थ मरिगौडर सहित वेंकटेश और रविराज को हिरासत में लिया।
विदेशी पर्यटकों की सराहना
फ्रांस सहित अन्य देशों से आए 15 विदेशी पर्यटकों ने उत्खनन स्थल का दौरा किया और यहां की ऐतिहासिक धरोहर की प्रशंसा की। उन्होंने प्रज्वल रित्ती द्वारा मिली निधि (खजाना) को ईमानदारी से सरकार को लौटाने के आचरण की विशेष सराहना की।
इतिहास की नई कड़ी
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्खनन में पहली बार मिला हरे रंग का पत्थर लक्कुंडी के वैभव का प्रतीक हो सकता है। इसके वैज्ञानिक अध्ययन से क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्पष्ट होगी।

