टायकॉन-2026 सम्मेलन में उत्तर कर्नाटक के विकास पर जोर
नॉर्थ कर्नाटक राइजिंग’ सम्मेलन का समापन
उद्योग, नवाचार और रोजगार पर मंथन
हुब्बल्ली. फिल्म अभिनेता आशिष विद्यार्थी ने कहा कि उत्तर कर्नाटक में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। भूमि, जल, भाषा और संस्कृति के प्रति यदि लोगों में आत्मीयता होगी तो क्षेत्र का समग्र विकास स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ेगा।
वे हुब्बल्ली के डेनिसन्स होटल में आयोजित दो दिवसीय ‘टायकॉन-2026: नॉर्थ कर्नाटक राइजिंग सम्मेलन’ के समापन समारोह में बोल रहे थे। सम्मेलन का आयोजन टाई (दि इंडस एंटरप्रेन्योर्स) हुब्बल्ली की ओर से किया गया था।
आशिष विद्यार्थी ने कहा कि हर व्यक्ति में कुछ हासिल करने की चाह होती है, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अनेक बाधाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर उद्यम क्षेत्र में वही लोग सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं जो कठिन परिस्थितियों का साहसपूर्वक सामना करते हैं।
स्वर्णा ग्रुप के प्रबंध निदेशक डॉ. वी.एस.वी. प्रसाद ने कहा कि यह सम्मेलन उत्तर कर्नाटक की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान कर रहा है। इसके माध्यम से कई युवाओं ने उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं और रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं।
सम्मेलन में बी.डी. पाटिल एंड सन्स के अध्यक्ष सुरेश पाटिल को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके अलावा मालतेश निरंजन को ‘एग्री-टेक अवॉर्ड’, प्रीतेश चौधरी को ‘इनोवेशन अवॉर्ड’, नम्रता टाटे को ‘वर्ष की महिला उद्यमी’ और जयभारत फाउंडेशन को ‘वर्ष का सामाजिक उद्यम’ पुरस्कार प्रदान किया गया।
एआई से नए रोजगार सृजन की संभावना: प्रल्हाद जोशी
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि विश्व में सेवा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और तकनीक आधारित सेवाओं की मांग भी बढ़ रही है। उन्होंने युवाओं से ज्ञान और कौशल को निरंतर विकसित करने का आह्वान किया।
जोशी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के अनुसंधान और विकास में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। अगले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में देश में 17 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
कार्यक्रम में टाई हुब्बल्ली के अध्यक्ष गिरीश माने, अमृत कबाड़ी, शिल्पा कबाड़ी, अनुराधा कबाड़ी, प्रशांत हेबसूर, विवेक पाटिल और विजेश सैगल सहित कई उद्योगपति और युवा उद्यमी उपस्थित थे।

