बाढ़ की परवाह किए बिना किया गद्देम्मा देवी का ‘तेप्पोत्सव’यादगीर जिले के हुणसगी तालुक के देवरगड्डी गांव में उफनती और तेज बहाव वाली कृष्णा नदी की परवाह किए बिना पारंपरिक गद्देम्मा देवी का तेप्पोत्सव मनाते ग्रामीण।

यादगीर. जिले के हुणसगी तालुक के देवरगड्डी गांव में श्रद्धा और परंपरा का अनोखा दृश्य देखने को मिला। उफनती और तेज बहाव वाली कृष्णा नदी की परवाह किए बिना ग्रामवासियों ने पारंपरिक गद्देम्मा देवी का तेप्पोत्सव (नौका उत्सव) धूमधाम से सम्पन्न किया।

श्रावण मास के अंतिम मंगलवार को आयोजित इस विशेष पर्व में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए थे। देवी की प्रतिमा को लेकर भक्त नारे लगाते हुए नदी तट तक पदयात्रा करते पहुंचे। वहां पारंपरिक पूजा-अर्चना और फूलों से अलंकरण के बाद सजी हुई नौका (तेप्प) तैयार की गई। उस पर कलश स्थापित कर भक्तों ने नदी में प्रवाह के बीच देवी को समर्पित किया।

श्रद्धा और साहस

कृष्णा नदी उफान पर होने और बहाव तेज रहने के बावजूद भक्त आधी नदी तक गए और देवी की नौका अर्पित की। गांववालों ने कहा कि गद्देम्मा देवी का तेप्पोत्सव हमारी पुरानी परंपरा है। चाहे कितनी भी बाढ़ आए, यह उत्सव कभी नहीं रुकेगा।
मोबाइल में कैद इस दृश्य का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। श्रद्धालुओं के साहस और आस्था की लोग सराहना कर रहे हैं।

जलाशयों से भारी जल प्रवाह

महाराष्ट्र में भारी बारिश से नारायणपुर जलाशय से 2 लाख क्यूसेक से अधिक पानी कृष्णा नदी में छोड़ा गया है। साथ ही बसवसागर जलाशय से भी 30 क्रेस्ट गेट खोलकर पानी छोड़े जाने से नदी तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रभावित क्षेत्रों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

यातायात पर असर

सुरक्षा के मद्देनजर शहापुर-देवदुर्ग राज्य राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। शहापुर पुलिस को बंदोबस्त में लगाया गया है। रायचूर और देवदुर्ग जाने वालों के लिए सुरपुर तालुक की तिन्थणी पुलिया का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, शहापुर तालुक के कोल्लूर (एम) गांव की नदी पुलिया गुरुवार को जलमग्न हो गई। पगलापुर-कोयिलूर के बीच की अस्थायी सडक़ भी बह गई है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *